
दस दिन में दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी
बेंगलूरु. गठबंधन नेताओं का कहना है कि कांग्रेस असंतोष से उपजी समस्या हल करने के लिए अगले 10 दिन में अपने कोटे के कुछ मंत्री पद भर सकती है। कांग्रेस के कोटे में 34 में से उपमुख्यमंत्री सहित 22 मंत्री पद हैं। अभी 6 पद रिक्त रखे हैं। साथ ही पार्टी चाहती है कि निगम-बोर्डों में नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज की जाए ताकि नाराज नेताओं को काबीना और राज्य मंत्री के समकक्ष पद देकर मनाया जा सके। उधर, एच के पाटिल और शामनूर शिवशंकरप्पा के यहां शुक्रवार को असंतुष्ट विधायकों और समर्थकों की बैठक का दौर जारी रहा। एम बी पाटिल के समर्थकों ने सोमवार को विजयपुर बंद का आह्वान करने की चेतावनी भी दी है।
राहुल-देवेगौड़ा देंगे दखल
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस उपजा असंतोष सुलझाने और इसकी आंच से गठबंधन सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा भी दखल देंगे। पाटिल से मुलाकात के बाद कुमारस्वामी ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और गठबंधन सरकार के भविष्य को लेकर देवेगौड़ा से उनके आवास पर चर्चा की। इसके बाद देवेगौड़ा ने मामले को सुलझाने के लिए मदद करने पर सहमति जताई। उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद एवं प्रदेश प्रभारी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने भी हालात पर चर्चा की एवं राहुल से दखल की अपील की।
उधर, खबर है कि मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज पूर्व मंत्री एच. के. पाटिल को मनाने के लिए देवेगौड़ा भी अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। देवेगौड़ा ने मंत्री एम. सी. मनगोली के जरिए संदेश भेजा है। बताया जाता है कि देवेगौड़ा ने पाटिल को धैर्य रखने और जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाने की सलाह दी है। साथ ही भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सारे मसले सुलझा लिए जाएंगे। कांग्रेस आलाकमान ने नेताओं में बढ़ते असंतोष के कारण उपजी स्थिति को संभालने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को भी जिम्मेदारी दी है।
बागलकोट जिले के बादामी से चुनाव जीतने के बाद पहली बार वहां के दौरे पर सिद्धरामय्या ने पार्टी से निर्देश मिलने के बाद एच के पाटिल सहित कई नेताओं से फोन पर बात की और धैर्य रखने की सलाह दी। बताया जाता है कि सिद्धरामय्या ने शुक्रवार को चिकबल्लापुर के विधायक डॉ सुधाकर के अलावा धारवाड़ के सी एस शिवल्ली से फोन पर बात की। सिद्धरामय्या के एम बी पाटिल और बी सी पाटिल से भी बात करने की चर्चा है। परमेश्वर ने नाराज चल रहे पूर्व मंत्री एच के पाटिल से भी मुलाकात कर उन्हें समझाने की कोशिश की। पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नरम स्वभाव और पार्टी के प्रति समर्पित होने के बावजूद उनकी उपेक्षा की गई। वे असंतुष्ट विधायकों के साथ संपर्क में हैं और उनसे चर्चा के बाद आलाकमान से बातचीत करेंगे।
Published on:
09 Jun 2018 05:08 pm
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