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वन्यजीवों की रक्षा ही प्रकृति की रक्षा

उन्होंने कहा, मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य तभी संभव है जब हम अपने वन, नदियां, पर्वत और सभी जीवों की रक्षा करें। तीव्र शहरीकरण, प्रदूषण और शिकार जैसी चुनौतियों के बीच वन्यजीव संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।
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राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सोमवार को राजभवन में सेव वाइल्डलाइफ अभियान के पांचवें सत्र का उद्घाटन किया।राज्यपाल ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक जीवन के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने जनभागीदारी, शिक्षा और जागरूकता को संरक्षण का प्रमुख आधार बताते हुए कहा, वन्यजीवों की रक्षा ही प्रकृति की रक्षा है, और प्रकृति की रक्षा ही मानवता की रक्षा है।

उन्होंने कहा, मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य तभी संभव है जब हम अपने वन, नदियां, पर्वत और सभी जीवों की रक्षा करें। तीव्र शहरीकरण, प्रदूषण और शिकार जैसी चुनौतियों के बीच वन्यजीव संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्यपाल गहलोत ने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर को जोडऩा विषय पर आधारित इस अभियान को सराहा और अभिनेता गोल्डन स्टार गणेश को इसके ब्रांड एंबेसडर के रूप में बधाई दी।

कार्यक्रम में वन मंत्री ईश्वर खंड्रे, अभिनेता गणेश, प्रधान मुख्य वन संरक्षक कुमार पुष्कर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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