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6200 सरकारी स्कूलों को बंद करने के सरकार के फैसले का विरोध

एआइडीएसओ का दावा है कि इन स्कूलों को बंद करने का सरकार का फैसला हाशिए के छात्रों, दलित परिवारों के बच्चों और विशेष रूप से छात्राओं को असमान रूप से प्रभावित करेगा। प्रभावी रूप से उनके शिक्षा के अधिकार को छीन लिया जाएगा।

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अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ), बेंगलूरु जिला समिति ने रविवार को शहर के केएसआर रेलवे स्टेशन, के सामने एक विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया। हब और स्पोक मॉडल के तहत 6,200 सरकारी स्कूलों schools को बंद करने के सरकार के फैसले का विरोध किया।

एआइडीएसओ, बेंगलूरु Aidso, Bengaluru जिला सचिव कल्याण कुमार ने कहा कि 10 से कम छात्र संख्या वाले इन स्कूलों को बंद किया जाएगा और एआइडीएसओ इसकी कड़ी निंदा करता है। एआइडीएसओ का दावा है कि इन स्कूलों को बंद करने का सरकार का फैसला हाशिए के छात्रों, दलित परिवारों के बच्चों और विशेष रूप से छात्राओं को असमान रूप से प्रभावित करेगा। प्रभावी रूप से उनके शिक्षा के अधिकार को छीन लिया जाएगा।

इन महत्वपूर्ण संस्थानों को बंद करने के बजाय, एआइडीएसओ मांग करता है कि सरकार इन स्कूलों को उचित फंडिंग, आवश्यक बुनियादी ढांचे और पर्याप्त शिक्षक प्रदान करके मजबूत करे। कर्नाटक में सभी बच्चों के लिए शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि कर्नाटक भर में 50 लाख हस्ताक्षर एकत्र करने के राज्यव्यापी आंदोलन के हिस्से के रूप में, बेंगलूरु में अभियान को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।