
न्याय की मांग को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन
बेंगलूरु. मणिपुर, हरियाणा व दिल्ली में हुए दंगों के विरोध में रविवार को यहां फ्रीडम पार्क में हिन्दूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा कर्नाटक के बागलकोट में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पुन: स्थापित करने की मांग की है। इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने भाषण में मणिपुर में कुकी समुदाय द्वारा मणिपुर के मूल निवासियों मैतेई समुदाय पर योजनाबद्ध तरीके से हमला करने का आरोप लगाया। इस अवसर पर हिंदू संगठनों ने इन हमलों की निंदा की। वक्ताओं ने राष्ट्रीय रक्षा बल के पुनित केरेहल्ली के खिलाफ लगाए गए गुंडा एक्ट को हटाने की मांग कर्नाटक सरकार से की है। विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ हाल ही दर्ज किए गए मामले वापस लेने की भी मांग की है। अगले सप्ताह होने वाली मंत्री मंडल की बैठक में इस विषय पर फैसला लेकर मामले रद्द करने का आग्रह किया।
प्रदर्शन में विचारक व युवा ब्रिगेड के चक्रवर्ती सुलीबेले, राष्ट्र धर्म संगठन के संतोष केंचंबा, हिंदू जनजागृति समिति के मोहन गौड़ा, हिन्दवी जातक मीट के मुनेगौड़ा, शिवप्रसाद, हिन्दू राष्ट्र रक्षा दल के अध्यक्ष रामकृष्णप्पा, शिवघरजाने सेना अध्यक्ष प्रवीण माने, राष्ट्रीय रक्षा सेना की पूर्णिमा बरीमनी, राष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष विक्रम शेट्टी, सुरेश गौड़ा, एडवोकेट दोरेराजू, फाउंडेशन इंडिया और विभिन्न हिंदू संगठनों के नेताओं सहित हिंदू कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।चक्रवर्ती सुलीबेले ने कहा कि हरियाणा के मेवात नूह में कट्टरपंथियों ने हजारों हिंदू भक्तों पर हथियारों से हमला किया गया, जिसमें 7 हिंदुओं की मौत हो गई और सैकड़ों वाहनों को आग लगा दी गई। राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद हिंदुओं के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। यह सरकार हिंदुओं को निशाना बना रही है और उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके अलावा, हाल ही में सरकार ने बागलकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को मंजूरी नहीं दी है जो निंदनीय है। यह पूरे हिंदू समुदाय का अपमान है और उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की तत्काल बहाली की मांग की। राष्ट्रीय रक्षा बल की पूर्णिमा बरिमानी ने कहा राष्ट्रीय रक्षा बल के पुनित केरेहल्ली अनाथ बच्चों की शिक्षा में मदद कर रहे थे, और वह 5 कैंसर रोगियों के इलाज का खर्च उठा रहे थे। वह मंदिरों की सफाई, गो रक्षा आदि करके समाज सेवा करते थे। यह निंदनीय है कि द्वेषवश उन पर गुंडा एक्ट लगाया गया है। उन्होंने मांग की कि गुंडा एक्ट निरस्त किया जाए और उनकी रिहाई की व्यवस्था की जाए।
हिन्दू जनजागृति समिति के मोहन गौड़ा ने कहा मणिपुर में हुए दंगों में 141 लोग मारे गए, हिंदुओं के कई घर और मंदिर जला दिए गए और मैतेेई समुदाय अपनी जान बचाने के लिए गांव छोडक़र भाग गए। दिल्ली में मोहर्रम के दौरान हिंदुओं पर योजनाबद्ध तरीके से हिंसात्मक हमला किया गया। इस दंगे के सभी वीडियो एकत्र किए जाने चाहिए और उसके आधार पर संवेदनशील इलाकों में कॉबिंग ऑपरेशन चलाया जाना चाहिए।
Published on:
27 Aug 2023 05:13 pm
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