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RISAT-2BR1 का प्रक्षेपण आज, PSLV C48 से 9 विदेशी उपग्रह भी होंगे लांच

श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर उलटी गिनती जारी, बढ़ेगी की देश की टोही एवं निगरानी क्षमता

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RISAT-2BR1 का प्रक्षेपण आज, PSLV C48 से 9 विदेशी उपग्रह भी होंगे लांच

RISAT-2BR1 का प्रक्षेपण आज, PSLV C48 से 9 विदेशी उपग्रह भी होंगे लांच

बेंगलूरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO अत्याधुनिक राडार इमेजिंग उपग्रह RISAT-2BR1 का प्रक्षेपण PSLV-C48 से अपरान्ह 3.25 बजे करेगा, जिसके लिए उलटी गिनती मंगलवार शाम 4.40 बजे शुरू हो गई।
इसरो ने कहा कि श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लांच पैड (एफएलपी) पर पीएसएलवी सी-48 /रिसैट-2बीआर-1 मिशन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। प्रक्षेपण प्राधिकरण बोर्ड (एलएबी) और मिशन की तैयारियों की समीक्षा करनेवाली समिति ने 22.45 घंटे की उलटी गिनती की अनुमति दी है। उलटी गिनती शुरू होने के बाद रॉकेट के चौथे चरण में तरल प्रणोदक भरने का काम पूरा हो गया था और दूसरे चरण में तरल ईंधन भरा जा रहा था। इस मिशन के साथ इजरायल, इटली और जापान के एक-एक तथा अमरीका के 6 उपग्रहों का भी प्रक्षेपण किया जाएगा। कुल मिलाकर पीएसएलवी सी-48 दस उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा। इसके लिए पीएसएलवी क्यूएल का उपयोग किया जा रहा है। पीएसएलवी क्यूएल में रॉकेट के पहले ठोस चरण में चार स्ट्रैपवंस (ठोस बूस्टर) होते हैं। वहीं, पीएसएलवी एक्सएल में कुल छह ठोस बूस्टर पहले चरण में लगाए जाते हैं।
बढ़ेगी देश की टोही एवं निगरानी क्षमता
इस मिशन के तहत भेजा जाने वाला रिसैट-2बीआर-1 उपग्रह 6 28 किलोग्राम वजनी एक्स बैंड सिंथेटिक अपर्चर राडार (एसएआर) युक्त है, जिससे बादलों के आच्छादित रहने पर भी धरती पर नजर रखी जा सकती है। इसे धरती से ऊपर 576 किमी वाली कक्षा में स्थापित किया जाएगा। वर्ष 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद इसरो ने 20 अप्रेल 2009 को रिसैट-2 उपग्रह लांच किया था, जिससे सशस्त्र बलों को काफी मदद मिली थी। हालांकि, तब इसरो की योजना स्वदेशी तकनीक से विकसित 'सी बैंडÓ सिंथेटिक अपर्चर राडार उपग्रह रिसैट-1 लांच करने की थी लेकिन भारतीय उपग्रह तैयार नहीं था और इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज से एक्स बैंड सिंथेटिक अपर्चर राडार लिया गया था। रिसैट-2 देश का पहला सिंथेटिक अपर्चर राडार युक्त उपग्रह था जिससे दिन-रात हर मौसम में (24 घंटे) देश की सीमाओं की निगरानी क्षमता बढ़ी। रिसैट-2बीआर1 उपग्रह भी एक्स बैंड सिंथेटिक अपर्चर राडार उपग्रह है जो देशकी इमेजिंग और टोही क्षमता को बढ़ाएगा।
मिशन की सफलता के लिए तिरुमला मंदिर में पूजा
इसरो ने इसी वर्ष मई में रिसैट-2 बी उपग्रह लांच किया था जो इसी शृंखला का उपग्रह है। इसरो की योजना इस शृंखला के चार से पांच उपग्रहों को धरती की कक्षा में स्थापित करने की है। जल्द ही इस शृंखला का तीसरा उपग्रह रिसैट-2बीआर2 भी लांच किया जाएगा। हालांकि, इसरो ने कहा है कि ये उपग्रह खेती, मत्स्य पालन और आपदा प्रबंधन के लिए हैं, लेकिन टोही एवं निगरानी सेवाओं के दृष्टिकोण से काफी अहम है। प्रक्षेपण से पहले मंगलवार को इसरो अध्यक्ष के. शिवन तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में गए और पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने मिशन की सफलता के लिए विशेष पूजा कराई।