
pulse polio
बेंगलूरु. पल्स पोलियो अभियान के तहत पांच वर्ष से कम आयु के प्रदेश के 65 लाख बच्चे 19 जनवरी को पोलियो की दवा पिएंगे। लेकिन गत वर्ष की तरह इस बार भी स्वास्थ्य विभाग पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के संबंध में फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि इस तरह की अफवाहों से यह बेहद जरूरी कार्यक्रम बाधित होता है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि पोलियो की दवा पूरी तरह से सुरक्षित है। पोलियो उन्मूलन मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम है। पोलियो की खुराक पूरी तरह से सुरक्षित है। लोग ऐसी अफवाहों पर विश्वास नहीं करें। केंद्र और प्रदेश सरकारें पहले भी दवा के सुरक्षित होने की पुष्टि कर चुकी हैं।
विभाग ने सभी माता-पिता और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं। अफवाहों पर विश्वास करके वे अपने बच्चों को बेहद महत्वपूर्ण पोलियो खुराक से दूर नहीं रखें। बिना किसी भ्रम या दुविधा के बच्चों को 'दो बूंद जिंदगी कीÓ दें। गत वर्ष सितंबर में भी स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की अपील करनी पड़ी थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश के पोलियो मुक्त होने के बाद टाइप-2 की वैक्सीन को बंद कर दिया गया है। पोलियो वायरस 1, 2 और 3 स्तर का होता है। टाइप टू वायरस की मौजूदगी अब पूरे विश्व में खत्म हो चुकी है। टाइप वन और टाइप थ्री के भी चुनिंदा केस ही सामने आते हैं। ऐसे में पोलियो मुक्त होने के बाद पी-2 की वैक्सीन को देना बंद कर दिया है। अब सिर्फ पोलियो वायरस पी-1 व पी-3 से बचाव के लिए बायवेलेंट वैक्सीन ही दी जाती है।
Published on:
11 Jan 2020 09:47 pm
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