
राज्य के हर गांव तक पहुंचेगा शुध्द पेयजल
मैसूरु. प्रदेश सरकार १६६४ गांवों को पेयजल पहुंचाने पर २४०० करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बुधवार को ग्रामीण विकास व पंचायत राज मंत्री कृष्ण बैरेगौड़ा ने कहा कि पेयजल पर सरकार पर्याप्त राशि खर्च कर रही है। प्रत्येक जिला पंचायत को ४.५ करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। १३० करोड़ रुपया जारी किए जा चुके हैं जबकि अतिरिक्त कोष की जरूरत हो तो सरकार पीछे नहीं हटेगी। सूखा राहत कार्यों के लिए १३४ करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु नजदीक है। प्रदेश के कई जिलों में सूखे की स्थिति है। इसलिए सरकार यह सुनिश्चित करने में लगी है कि किसी भी गांव में पेजयल की समस्या न हो। सभी गांवों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और फंड की कमी नहीं है।
इससे पहले गौड़ा ने जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उप सचिव के साथ प्रगति समीक्षा बैठक में शामिल हुए। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता गिनाते हुए उन्होंने प्रदेश में हुए कार्यों को संतोषजनक बताया और कहा कि इससे भी ज्यादा करने की जरूरत है।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यान्वयन पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने बेहतर कार्य करने की अपील की। ग्राम पंचायतों में राजस्व वसूली से नाखुश दिख रहे गौड़ा ने इसका ठीकरा अधिकारियों के काम करने के तरीकों पर फोड़ा। उन्होंने बताया कि राजस्व का ५३ प्रतिशत ही वसूला जा सका है। इसका असर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर पड़ता है। शिवमोग्गा जिला पंचायत के सीइओ और उप सचिव को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में शिवमोग्गा सबसे पिछड़े जिलों में से एक है।
उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में बेंगलूरु ग्रामीण जिला पंचायत ने ९० फीसदी तक तरक्की की है, जबकि कोडुगू का विकास प्रतिशत महज ३० प्रतिशत रहा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि समय रहते कोडुगू में पेयजल की समस्याओं को सुलझाया जाए। ३० जिला पंचायत के सीइओ और उप सचिव बैठक में शामिल हुए।
----
Published on:
24 Jan 2019 10:44 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
