
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि उत्तर कर्नाटक के विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में राज्य सरकार श्वेत पत्र सहित कोई बी पत्र जारी करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने प्रदेश प्रवास के चौथे दिन कलबुर्गी जिले के सेडम में नए अस्पताल भवन का उद्घाटन करने व विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास करने के बाद कहा कि अपने कार्यकाल में उत्तर कर्नाटक के विकास के लिए केवल 40-45 करोड़ रुपए जारी करने वाले भाजपा के नेताओं को हमसे हिसाब पूछते शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हैदराबाद-कर्नाटक को संविधान के अनुच्छेद 371 जे के तहत विशेष दर्जा दिलाने का श्रेय कांग्रेस को जाता है।
उन्होंने कहा कि विशेष दर्जा देने के बाद हमारी सरकार ने इस क्षेेत्र को सालाना 2500 करोड़ रुपए का विशेेष अनुदान देने का निर्णय किया है। इसमें से 1800 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और 1500 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्य की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का कर्ज माफ करवाने के लिए केन्द्र सरकार पर दबाव डालने का भाजपा नेताओं ने कोई काम नहीं किया लिहाजा ये लोग किसान विरोधी है और इनको किसानों से वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार तक नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता आरोप लगा रहे हैं कि विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर वे प्रदेश का दौरा कर रहे हैं और जिन कार्यों का शिलान्यास किया जा रहा है वे काम पूरे नहीं होंगे। लेकिन वे स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि वे चुनावों को ध्यान में रखकर प्रदेश का दौरा नहीं कर रहे हैं। उनकी सरकार विकास के कार्य निरंतर करवा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वालों ने किसानों के बिजली के बिलों का बकाया नहीं चुकाने पर उनके बिजली के कनेक्शन काट दिए थे लेकिन हमारी सरकार ने किसानों का बकाया माफ कर दिया।
भाजपा को बंडलबाज पार्टी करार देते हुए सिद्धरामय्या ने कहा कि येड्डियूरप्पा मुख्यमंत्री रह चुके हैं लेकिन वे सफेद झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। येड्डियूरप्पा सत्ता में आने पर सिंचाई के लिए केन्द्र से एक लाख करोड़ रुपए लाने की बातें कर रहे हैं लेकिन उन्होंने सत्ता में रहते पांच साल में सिंचाई पर केवल 18 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जबकि हम हर साल सिंचाई की विभिन्न परियोजनाओं पर 10 हजार करोड़ खर्च करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि येड्डियूरप्पा अपने कार्यकाल में दी गई फटी पुरानी साडिय़ों व खटारा साइकिलों को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री शरणप्रकाश पाटिल, सिंचाई मंत्री एम.बी. पाटिल तथा आईडी-बीटी व पर्यटन मंत्री प्रियांक खरगे भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने हेगड़े के बर्ताव पर किए प्रहार
मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के बर्ताव पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे लोग राजनीति के अयोग्य हैं। सिद्धरामय्या ने शनिवार को सुबह रायचूर शहर के बाहरी इलाके यरमरस में कहा कि हेगड़े एक केंद्रीय मंत्री हैं। उन्हें शिष्टाचार व बातचीत की सभ्यता नहीं हैं और वे किसी राउडी की तरह बयानबाजी करते हैं। हेगड़े के पास एक मंत्री के पद पर होने की गरिमा नहीं है। देश में सभी के लिए एक संविधान व एक ही कानून होने का ज्ञान नहीं होने से वे ऐसी बातें बोलकर लोगों को भडक़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
सिद्धरामय्या ने गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी की तरफदारी करते हुए कहा कि वे एक सक्षम मंत्री हैं और छह बार विधानसभा का चुनाव जीते हैं। तेलंगाना के भाजपा विधायक राजासिंह के यादगीर में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में घरों में तलवारें रखने के बयान पर उन्होंने कहा कि उनका यह बयान गैरकानूनी है और इस बारे में जांच कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के हैदराबाद-कर्नाटक को संविधान के अनुच्छेद 371-जे के तहत विशेेष दर्जा देने से इस क्षेत्र के युवाओं व विद्यार्थियों को भारी सुविधाएं मिली हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र के विकास के लिए सालाना 1500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त अनुदान मिल रहा है।
राज्य पर 2 लाख करोड़ रुपए के सवाल पर सिद्धरामय्या ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा को 2002 में पारित वित्तीय अनुशासन कानून की जानकारी नहीं है। राज्य का वित्तीय घाटा जीएसडीपी के 3 फीसदी से कम और आय अधिक होनी चाहिए। कर्ज का बोझ जीडीपी के25 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। राज्य इन तीनों ही नियमों का पालन कर रहा है। सरकार को किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।
Published on:
17 Dec 2017 09:53 pm
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