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बैंगलोर

राजस्थान के लिए बेंगलूरु से चले नियमित ट्रेन

प्रवासियों ने एक बार फिर राजस्थान और कर्नाटक के बीच रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की पुरजोर मांग की है। कर्नाटक होजरी एवं गारमेंट एसोसिएशन (खागा) की ओर से रेल राज्यमंत्री वी.सोमण्णा को दिए ज्ञापन में बताया कि राजस्थान के लिए बेंगलूरु से कोई भी नियमित ट्रेन नहीं है।

बैंगलोरJun 29, 2024 / 05:40 pm

Yogesh Sharma

वेटिंग में यात्रा करने को मजबूर हैं प्रवासी
रेल राज्यमंत्री को बेंगलूरु प्रवास पर सौंपा ज्ञापन

बेंगलूरु. प्रवासियों ने एक बार फिर राजस्थान और कर्नाटक के बीच रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की पुरजोर मांग की है। कर्नाटक होजरी एवं गारमेंट एसोसिएशन (खागा) की ओर से रेल राज्यमंत्री वी.सोमण्णा को दिए ज्ञापन में बताया कि राजस्थान के लिए बेंगलूरु से कोई भी नियमित ट्रेन नहीं है। राज्य एवं केन्द्र सरकार को जीएसटी के रूप में करोड़ों का राजस्व देने के बावजूद प्रवासियों को अपने घर जाने के लिए वेटिंग में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के दस ट्रेनों का शैड्यूल है। ये सभी ट्रेनें साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक हैं। त्रि साप्ताहिक व दैनिक ट्रेन राजस्थान के लिए दूर की कौड़ी है। कर्नाटका होजरी एवं गारमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री रेल एवं जलशक्ति वी. सोमण्णा से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं। सचिव कैलाश बालर ने उनसे आग्रह किया कि कर्नाटक में लगभग बीस लाख से अधिक राजस्थानी विभिन्न स्थानों पर अपना व्यवसाय कर रहे हैं। वे छुट्टियों एवं त्योहार के सीजन में अपने परिवार सहित गांव जाते हैं। राजस्थान के लिए एक भी दैनिक रेलगाड़ी नहीं होने के कारण उन्हें परिवार सहित वेटिंग में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने रेल राज्यमंत्री से राजस्थान के लिए चलने वाली साप्ताहिक व द्विसाप्ताहिक ट्रेनों को नियमित करने की मांग की ताकि प्रवासियों को राहत मिल सके। संयुक्त सचिव बिशनसिंह विराणा ने बताया कि राजस्थान की गाडिय़़ां में खुलने के कुछ ही समय बाद नो रूम हो जाता है और कभी भी इस मार्ग की गाडिय़़ों में कन्फर्म टिकट नहीं मिलता। इसलिए उन्हें आवागमन में हो रही असुविधा एवं लोगों की समस्याओं को देखते हुए इस मार्ग की अधिकांश गाडिय़ों जैसे यशवंतपुर-बाड़मेर, मैसूरु-अजमेर, बेंगलूर-जोधपुर, यशवंतपुर-बीकानेर, मैसूरु-जयपुर, यशवंतपुर-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को नियमित रूप से चलाया जाए। राज्यमंत्री को दिए पत्र में विराणा ने बताया कि बेंगलरु शहर व्यवसाय व उद्योग का बहुत बड़ा हब है। यहां पर देश के अलग-अलग हिस्सों से व्यापारियों का आवागमन होता है, इसलिए बेंगलूरु से मुंबई के लिए पहली शयनयान श्रेणी की वंदे भारत रेल चलाई जाए। रेल राज्यमंत्री ने खागा के पदाधिकारियों की समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना और शीघ्र ही समाधान करने का आश्वासन दिया।
तेज कनेक्टिविटी की आवश्यकताट्रेड एक्टिविस्ट सज्जनराज मेहता ने रेल राज्यमंत्री को एक्स पर भेजे संदेश में बताया कि हिंदुस्तान के दो बड़े शहर आज भी तेज रेल यातायात सुविधा से महरूम हैं। मुंबई-बेंगलूरु राजधानी शहरों और मेट्रो शहरों को सबसे तेज कनेक्टिविटी की आवश्यकता है क्योंकि 24-25 घंटे की मौजूदा यात्रा सबसे खराब नेटवर्क का दुष्परिणाम है। उन्होंने लिखा कि रेल राज्यमंत्री से आग्रह है कि मुंबई-बेंगलूरु राजधानी शहरों और मेट्रो शहरों को सबसे तेज कनेक्टिविटी की आवश्यकता है। भारत के भीतर पर्यटन को प्रधानमंत्री द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है और यह सरकार के साथ-साथ नागरिक कल्याण की दिशा में एक कदम होगा। मौजूदा परिचालन रेल ट्रैक को और अधिक गति के लिए अपडेट किया जाना चाहिए ताकि हमारे राज्य के लोगों को यात्रा करने में सुविधा हो सके।

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