18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजनीति पर धर्म का अंकुश होना चाहिए- मुनि सुधाकर

सच्चिदानंद आश्रम में मुनिवृंद का स्वागत

2 min read
Google source verification
राजनीति पर धर्म का अंकुश होना चाहिए- मुनि सुधाकर

राजनीति पर धर्म का अंकुश होना चाहिए- मुनि सुधाकर

बेंगलूरु. मुनि सुधाकर व मुनि नरेश कुमार मैसूरु से विहार कर गणपति सच्चिदानंद आश्रम पहुंचे। जहां आश्रम के मुख्य अधिकारियों ने मुनि का स्वागत किया। मुनि ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा धर्म का राजनीति के लिए प्रयोग देश के लिए घातक है। राजनीति पर धर्म का अंकुश होना चाहिए पर धर्म का प्रयोग राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए।

मुनि ने कहा धर्म की विभिन्न परिभाषाएं हैं सत्य अहिंसा और संयम धर्म के प्राण तत्व हैं। इनके प्रचार प्रसार के लिए जो संप्रदाय और संगठन हैं उनके लिए भी धर्म शब्द का प्रयोग होता है। जहां तक आदर्श प्रधान धर्म का प्रश्न है शिक्षा व्यापार राजनीति प्रशासन व समाज सेवा आदि सभी क्षेत्रों में उनकी प्रतिष्ठा होनी चाहिए। किंतु संप्रदायिक कट्टरता वाले धर्म का उनमें प्रवेश और हस्तक्षेप उचित नहीं हो सकता। इस विषय में आज जो होना चाहिए वह नहीं हो रहा है और जो नहीं होना चाहिए वह हो रहा है। यह एक गंभीर चिंतन का विषय है।
मुनि ने कहा भारत की धार्मिक उदारता और सहिष्णुता सारे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। अनेकता में एकता तथा भेद में अभेद का चिंतन यहां के दर्शन जगत का मुख्य निष्कर्ष रहा है। आस्तिक वाद की व्यापक प्रतिष्ठा के साथ यहां नास्तिक वाद को भी दार्शनिक जगत में प्रमुख स्थान मिला है आज जो सांप्रदायिक अशांति का वातावरण उबर रहा है उसके मूल में राजनीतिक प्रतिक्रिया ही प्रतीत होती है फिर भी यह धार्मिक सहिष्णुता का आदर्श सुरक्षित रहे इस पर सभी विचारशील लोगों को ध्यान देना चाहिए। राजनीति के क्षेत्र और अध्यात्म का विचार ब्राह्मण धर्म का प्रतीक है। शास्त्र धर्म पर ब्राह्मण धर्म का प्रभाव और अनुशासन यह सदा मान्य रहा है। ब्राह्मण धर्म का तात्पर्य संप्रदायिक धर्म से नहीं होकर अध्यात्मिक धर्म से है। धर्म पर राजनीति का प्रभाव किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है हम देखते हैं आज के राजनेताओं में सत्य अहिंसा संयम प्रदान जीवन के प्रति आस्था बहुत कम है यदि ऐसा नहीं होता तो हमारे राष्ट्रीय चरित्र का स्तर कभी इतना कमजोर नहीं होता जितना आज है।
मुनि सुधाकर व नरेश कुमार ने सच्चिदानंद आश्रम में भ्रमण किया जहां मुनि का स्वामी गणपति सच्चिदानंद से भी विशेष भेंटवार्ता हुई संत मिलन पर दोनों ओर से विशेष प्रसन्नता व्यक्त की गई। इस भेंटवार्ता में अणुव्रत समिति के अध्यक्ष मदनलाल मारू का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर अभिनव धर्मेश राणावत, राकेश आदि उपस्थित थे। मुनि की विहार सेवा का लाभ सभा अध्यक्ष शांतिलाल कटारिया, भेरूलाल गांधी, विकास गांधी मेहता, अजय गांधी मेहता, महावीर मारू, ललित पोखरना, सुरेश मेहता, प्रकाश नौलखा, रमेश नौलखा, प्रकाश मारू, तेयूप मंत्री विनोद मुनोत, महिला मंडल, युवक परिषद सिद्धार्था आदि की उपस्थित रही।