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मातृभाषा को दिल से अपनाते हुए करें सम्मान : डॉ. भारती

मैसूरु. केंद्रीय हिंदी संस्थान, मैसूरु केंद्र की ओर से आयोजित मातृ भाषा दिवस समारोह में अध्यक्षता करते हुए केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रणजीत भारती ने मातृभाषा दिवस मनाने के इतिहास व महत्व से रूबरू कराते कहा कि मातृ भाषा का संबंध हमारी आत्मा से होता है। हमें अपनी आत्मा की रक्षा के लिए अपनी-अपनी […]

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मैसूरु. केंद्रीय हिंदी संस्थान, मैसूरु केंद्र की ओर से आयोजित मातृ भाषा दिवस समारोह में अध्यक्षता करते हुए केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रणजीत भारती ने मातृभाषा दिवस मनाने के इतिहास व महत्व से रूबरू कराते कहा कि मातृ भाषा का संबंध हमारी आत्मा से होता है। हमें अपनी आत्मा की रक्षा के लिए अपनी-अपनी मातृभाषा का सम्मान करना चाहिए। ऐसे में सभी को मातृभाषा का समुचित ज्ञान होना जरूरी है। मातृभाषा को दिल से अपनाते हुए उसे सीखने और जीवन में प्रयोग करने का प्रयास करना चाहिए।

केंद्र के शैक्षिक सदस्य डॉ. योगेंद्र मिश्र ने अपनी मातृभाषा ब्रज में कुछ रचनाएं सुनाकर मातृभाषा के महत्व को उजागर किया। संचालन अतिथि वक्ता के तौर पर सेंट फिलोमिना कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा ने की। समारोह में आयोजित भाषण, पेंटिंग, निबंध आदि प्रतियोगिताओं में कुल 22 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 12 दिवसीय हिंदी भाषा संचेतना शिविर के समापन के दिन की जाएगी। समारोह में टेरेसियन कॉलेज, मैसूर के लिए आयोजित हिंदी भाषा संचेतना के 79 प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. योगेंद्र मिश्र, डॉ. ज्योत्सना, लक्ष्मीनारायण, राघवेंद्र, पदमा, चेन्ने गौड़ा, रमेश, कैलाश आदि मौजूद थे।

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