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ऑनलाइन अश्लील वीडियो पर लगे प्रतिबंध : सत्यार्थी

बाल तस्करी को रोकने का कठोर कानून वक्त की मांग

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kailash satyarthi

ऑनलाइन अश्लील वीडियो पर लगे प्रतिबंध : सत्यार्थी

बेंगलूरु. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों को बचाने के लिए इंटरनेट पर अश£ील सामग्रियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी से मुलाकात करने के बाद सत्यार्थी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों पर इंटरनेट पर उपलब्ध ऐसी सामग्रियों का सबसे ज्यादा योगदान होता है इसलिए बच्चों की सुरक्षा के लिए इस पर पूर्ण प्रतिबंध आवश्यक है। सत्यार्थी ने सरकार से इस पर कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि इसके दायरे में सभी सेवा प्रदाताओं को लाया जाना चाहिए। सत्यार्थी ने कहा कि पिछले कई सालों से बाल तस्करी के खिलाफ प्रस्तावित कानून लंबित है। कई सरकारें आई लेकिन किसी ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया है। सत्यार्थी ने कहा कि बाल तस्करी को रोकने के लिए कठोर कानून समय की मांग और सरकार को जल्द से जल्द कानून बनाने के लिए कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कानून के मसौदे को मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिल चुकी है लेकिन अभी इसे संसद पेश नहीं किया गया है।
सिर्फ कानून बनाने से नहीं होगा बदलाव
सत्यार्थी ने कहा कि सिर्फ कानून बना देने से ही सामाजिक बदलाव संभव नहीं है। बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए समाज का जागरुक होना जरुरी है। वे बाद में क्राइस्ट शिक्षण संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में भी शामिल हुए।

रेलकर्मियों का सराहनीय प्रयास, बीमार रेल यात्री को मिली चिकित्सा
बेंगलूरु. गाड़ी संख्या 16220 तिरुपति-चामराजनगर एक्सप्रेस से शनिवार को केएसआर बेंगलूरु तक यात्रा कर रहे शशिकिरण ने दोपहर 3.20 बजे पचुर स्टेशन के नजदीक असहनीय पेट दर्द की शिकायत की। उसे अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी था। गाड़ी के गार्ड को जैसे ही इस संबंध में सूचना मिली उसने कुप्पम रेलवे स्टेशन मास्टर को सूचित कर दिया। कुप्पम जाने वाली गाड़ी संख्या 12691 चेन्नई- श्री सत्य सांई प्रशांति निलयम एक्सप्रेस को 15 मिनट तक पचुर स्टेशन पर रोके रखा गया। बीमार यात्री को इस गाड़ी में लाया गया। वह अपने माता-पिता के साथ कुप्पम स्टेशन पहुंचा, जहां स्टेशन मास्टर ने पहले से ही एम्बुलेंस बुलवा रखी थी। रोगी को इलाज के लिए कुप्पम अस्पताल ले जाया गया। रेलर्मियों की समयबद्ध संवेदनशीलता और सक्रियता के कारण रोगी यात्री का इलाज समय पर किया जा सका। बेंगलूरु मंडल रेल प्रबंधक आरएस सक्सेना ने रेलकर्मियों के सक्रियता दिखाने के लिए उनकी प्रशंसा की है।