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ग्रामीण मरीजों तक विशेषज्ञों की पहुंच अब और आसान

उच्च गुणवत्ता वाले कैमरों की मदद से विशेषज्ञ चिकित्सक दूर बैठकर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का मार्गदर्शन कर पाएंगे।
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Telemedicine

Telemedicine

-राज्य Karnataka भर में टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार

टेलीमेडिसिन Telemedicine आज के समय का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और सरकार पूरे राज्य में इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। आवश्यक सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी उपलब्ध हैं, बस उनके प्रभावी उपयोग की आवश्यकता है।भारतीय विज्ञान संस्थान (भाविसं) में आयोजित टेलीमेडिसिन सोसायटी ऑफ इंडिया के 21वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पहले ही 42 तालुक अस्पतालों में टेली-आइसीयू सुविधा शुरू कर चुका है और अगले वर्ष यह सेवा राज्य के सभी तालुक अस्पतालों में उपलब्ध होगी।

उच्च गुणवत्ता वाले कैमरों की मदद से विशेषज्ञ चिकित्सक दूर बैठकर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का मार्गदर्शन कर पाएंगे। इस वर्ष एआइ तकनीक आधारित टेली-रेडियोलॉजी और ऑप्थैल्मोलॉजी सेवाओं से रोगों की पहचान करने की नई प्रणाली भी शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि पहले से ही 82 तालुक अस्पतालों में टेली-कार्डियोलॉजी सेवा उपलब्ध है, जहां महंगी दवाइयां और इंजेक्शन भी मुफ्त दिए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में इस सुविधा की मदद से करीब 600 मरीजों को बचाया गया। विशेषज्ञ चिकित्सक केवल आठ से नौ मिनट में इसीजी की जांच कर मरीजों को आवश्यक उपचार प्रदान कर सकते हैं। इस सुविधा का विस्तार इसी वर्ष सभी तालुक अस्पतालों में किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव के लिए भी तकनीक का उपयोग कर रहा है। इन सभी तकनीकों का उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों तक भी विशेषज्ञ उपचार और सलाह को पहुंचाना है। एआइ और डिजिटल तकनीक विशाल जनसंख्या वाले भारत जैसे देश के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है।उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों से स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया और इसके लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया।