
साध्वी डॉ. कुमुदलता की मौन साधना पूर्ण
बेंगलूरु. वीवीपुरम स्थित महावीर धर्मशाला चातुर्मास कर रही अनुष्ठान आराधिका साध्वी डॉ. कुमुदलता के 9 दिवसीय अखंड अलौकिक मौन साधना की पूर्णाहुति पर महामंगलिक का आयोजन विशाल जनमेदिनी में हुआ। साध्वी कुमुदलता ने मांगलिक प्रदान करने के बाद सभी के जीवन मे सुख समृद्धि की कामना करते हुए, रिद्धि सिद्धि, यश कीर्ति आरोग्यता की मंगल कामना करते हुए सभी श्रद्धालुओ को विजय दशमी की हार्दिक शुभ मंगलकामनाएं प्रेषित की।
इस अवसर पर चेन्नई, हैदराबाद, चित्तौड़, कर्नाटक ,महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि विभिन्न प्रांत व शहरों से आए श्रद्धालुओं ने साध्वी के मुखारबिंद से मांगलिक श्रवण किया। प्रारम्भ में साध्वी डॉ. पद्मकीर्ति ने नवपद आयंबिल ओली आराधना के चौथे दिवस श्रीपाल मैनासुंदरी के चरित्र का वांचन एवं सुंदर विवेचन करते हुए बताया कि नवपद ओली जैन धर्म की शाश्वत ओली है। उन्होंने इस प्रसंग पर आए हुए सभी भक्तों के आध्यात्मिक सुख शांति व सफलता की शुभ कामनाएं की। साध्वी महाप्रज्ञा ने "गुरु चरणों की धूल हमें जब मिल जाए रे, उसकी तो दुनिया मे किस्मत खुल जाए रे" गीत के माध्यम से गुरु भक्तिभाव प्रदर्शित किए।
अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने नवपद ओली की आराधना की। इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर गौतम जैन मकाना ने महासाध्वी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर वर्षावास समिति के किरण मरलेचा, धर्मेंद्र मरलेचा, चेतन दरड़ा, नथमल मूथा, अशोक रांका, गुलाबचंद पगारिया, रमेश सिसोदिया, जंबु दुग्गड़, ज्ञानचंद मूथा व निर्मल चोरडिय़ा ,राजेश गोलेछा, उषा मूथा व अन्य ने अतिथियों का सम्मान किया। इस अवसर पर बाबूलाल रांका, महावीर धारीवाल, महावीर रूणवाल, राजेंद्रप्रसाद कोठारी, गौतम धारीवाल व अन्य भी उपस्थित थे। धर्मसभा का संचालन अशोक गादिया ने किया।
Published on:
08 Oct 2019 05:04 pm
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