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जैन ग्रंथों के संरक्षण के लिए समाज बंधु आगे आएं-आचार्य नररत्न

ट्रस्टी पगारिया को सौंपी जिम्मेदारी

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जैन ग्रंथों के संरक्षण के लिए समाज बंधु आगे आएं-आचार्य नररत्न

जैन ग्रंथों के संरक्षण के लिए समाज बंधु आगे आएं-आचार्य नररत्न

मैसूरु. सुमतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के तत्वावधान में तीर्थंकर रोड महावीर भवन में विराजित आचार्य नररत्न सूरीश्वर ने गुरुवार को आयोजित धर्मसभा में जैन ग्रंथों व साहित्य के संरक्षण व संवर्धन के लिए जैन समाज के लोगों से जागरूक होने का आग्र्रह किया। आचार्य ने कहा कि जहां भी दुलर्भ जैन ग्रंथ व साहित्य मिलता है। उसके संरक्षण व संवर्धन के लिए जैन समाज के प्रमुख लोगों को स्थानीय सरकार के मंत्रियों से सम्पर्क साधकर ग्रंथों की सुरक्षा के लिए जैन संग्रहालय बनाने का आग्रह करना चाहिए।
आचार्य ने सुमतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के ट्रस्टी हंसराज पगारिया से कहा कि वे इस संबंध में कर्नाटक सरकार के मंत्रियों एवं जैनालोजी विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क साधकर दुर्लभ जैन ग्रंथों के संरक्षण की व्यवस्था कराएं। आचार्य ने कहा कि मंत्रियों से मिलकर उन्हें जैन ग्रंथों की उपयोगिता बताएं साथ ही आवश्यकता हो तो वे जैन संतों से भी इसको लेकर चर्चा कर सकते हैं। जैन समाज के संत दुलर्भ ग्रंथों के संरक्षण के लिए मंत्रियों से चर्चा करने के लिए भी तैयार हैं। आचार्य के आदेश के बाद ट्रस्टी हंसराज पगारिया ने कहा कि वे अगले सप्ताह कर्नाटक सरकार के शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री से मिलकर आचार्य का संदेश उन तक पहुंचाकर जैन संग्रहालय की मांग रखेंगे। इससे पूर्व आचार्य ने धर्मसभा में कहा कि परमात्मा के पास लालची बन कर नहीं जाना चाहिए। भौतिक आकांक्षाएं लेकर परमात्मा के पास जाने से लाभ नहीं होता। निष्काम भावना से परमात्मा की भक्ति करने से हमें सभी चीजे प्राप्त होती हैं और जो भी मिला है उस में संतुष्ट हो कर परमात्मा की भक्ति में लीन होना चाहिए। उसी से शांति, सुख,समृद्धि प्राप्त होती है। धर्म ज्ञान ग्रहण करने के लिए संतो की प्रवचन सभा में अवश्य जाना चाहिए। यह सज्जन व्यक्ति के लिए जरूरी है। आचार्य ने जैन समाज के प्रबुद्ध लोगों व सरकार से आग्रह किया है कि जैन धर्म के ग्रंथों को सुव्यवस्थित व संजोए रखने की व्यवस्था करवाएं। इस अवसर पर सुमतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष अशोक दांतेवाडिय़ा, सचिव भैरुमल राठौड़, कोषाध्यक्ष मंगल चंद पोरवाल, ट्रस्टी हंसराज पगारिया, मांगीलाल गौवाणी, विमल भैसवाड़ा, कांतिलाल गुलेचा, रमेश कटारिया, रॉयल ग्रुप के चेयरमैन संतोष भंडारी, सुमतिनाथ जैन नवयुवक मंडल अध्यक्ष प्रवीण लुंकड़, सदस्य संदीप संकलेचा, पाश्र्व पद्मावती ट्रस्ट के अध्यक्ष दलीचंद श्रीश्रीमाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।