
समकित की यात्रा जीवन को बाधा रहित बनाती है
बेंगलूरु. अशोकनगर शूले जैन स्थानक में श्रमण संघीय डॉ. समकित मुनि ने ‘समकित की यात्रा’ के बारे में कहा कि समकित यात्रा जीवन को मुसीबत से रहित बनाती है। जीवन में कर्मों की समस्या कम और नादानी के द्वारा पैदा संकट ज्यादा है। जिसे ‘आ बैल मुझे मार’ वाली परेशानी भी कह सकते हैं, समकित यात्री को ऐसी परेशानियां नहीं आती क्योंकि वह नादान नहीं समझदार बन जाता है। बत्तीस शुभ योग संग्रह के समाधि शुभ योग पर कहा मन की शांति समृद्धि प्रदान करती है। मन की शांति के लिए दूसरी बात बताई आसपास का वातावरण अनुकूल हो। मन की शांति परिवेश पर भी निर्भर है। खुशी रूपी नाव सुख का वरण करेगी या दुख के महासागर में डूबेगी यह हमारे घर के माहौल पर भी निर्भर करता है। खुशी रूपी नाव के आसपास का माहौल दुख का ***** (छेद)कर देता है जिससे परेशानियों का जल नाव में प्रवेश कर जाता है और खुशी की नाव डूब जाती है। मुनि ने घर का माहौल मजेदार बनाने के लिए दस बातें भी बताईं। प्रचार प्रसार चेयरमैन प्रेम कुमार कोठारी ने बताया कि इस मौके पर प्रवीण लोढ़,ा आनंद शर्मा आदि श्रावक उपस्थित थे।
Published on:
26 Jul 2020 03:57 pm
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