
निलेकणी ने आधार पर फैसले को बताया ऐतिहासिक
बेंगलूरु. आधार परियोजना से जुड़े नंदन एम निलेकणी ने आधार कानून पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) के प्रमुख रहे निलेकणी ने ट्वीट कर कहा कि यह आधार के पक्ष में एक ऐतिहासिक निर्णय है। आधार कानून की संवैधानिकता पर स्पष्ट राय के साथ शीर्ष अदालत ने आधार के बुनियादी सिद्धांतों को भी जायज ठहराया है। निलेकणी ने कहा कि आधार एक विशिष्ट पहचान परियोजना है जो देश के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक है। निलेकणी ने कहा कि आधार सबको साथ लेकर चलता है, किसी को अलग नहीं करता। निलेकणी ने कहा कि अदालत के फैसले से एक बार फिर से निवासी ही इस परियोजना के केंद्र माने गए हैं। इस फैसले से लोगों को जो नए अधिकार मिले हैं उससे नागरिकों को अपने डाटा पर स्वामित्व का दावा करने में मदद मिलेगी। निलेकणी ने कहा कि लोगों को आधार के जरिए नई पहचान मिली है। निलेकणी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि आधार देश की सर्वोच्च अदालत की नजरों से होकर गुजरा है। लोकतांत्रिक चर्चा और बहसों के जरिए हमने के एक बेहतर और मजबूत आधार बनाया है।
निलेकणी पिछली यूपीए सरकार के समय शुरू किए गए आधार परियोजना को लागू करने वाले प्राधिकरण के प्रमुख थे। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। कभी देश की दूसरे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इंफोसिस के प्रमुख रहे चुके निलेकणी को मनमोहन सिंह सरकार ने जुलाई २००९ में प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया था। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को आधार को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनाए गए फैसले में आधार को वैध करार दिया। हालांकि, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को आधार से जोडऩे की अनिवार्यता खत्म कर दी लेकिन पैन कार्ड को आधार से जोडऩे की अनिवार्यता को बहाल रखा।
Published on:
26 Sept 2018 08:32 pm
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