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गुप्त दान को सर्वश्रेष्ठ दान माना है-साध्वी भव्यगुणाश्री

पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में धर्मसभा का आयोजन

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गुप्त दान को सर्वश्रेष्ठ दान माना है-साध्वी भव्यगुणाश्री

गुप्त दान को सर्वश्रेष्ठ दान माना है-साध्वी भव्यगुणाश्री

बेंगलूरु. अक्कीपेट स्थित पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में विराजित साध्वी भव्यगुणाश्री ने माघ पूर्णिमा रवि पुष्य नक्षत्र का महत्व बताते हुए कहा कि दान का महत्व हर धर्म में बताया गया है। जैन धर्म में सदियों से दान देने की परंपरा का पालन किया जाता है। गुप्त दान को सर्वश्रेष्ठ दान माना गया है। जो दान बिना स्वार्थ के गुप्त रूप से किया जाता है वह बहुत ही पुण्य कारी माना जाता है। इससे व्यक्ति को पापकर्मों का नाश होता है और पुण्य कर्मों में बढ़ोत्तरी होती है। दान करते समय भी कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। दान का अर्थ ये नहीं है कि जो वस्तु आपके काम की न हो यानि उपयोग करने के लायक न हो, उसे दान कर दिया जाए। ऐसा दान मान्य नहीं होता है। दान तन, मन और धन किसी भी तरह से किया जाए, बस निस्वार्थ भाव से किया जाना चाहिए। मान्यता के अनुसार कुछ ऐसी चीजें हैं जिनका दान यदि प्रतिदिन सुबह किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। प्रतिदिन सुबह पहली रोटी गाय को खिलाएं। सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। गायों में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। मान्यता है कि गाय की सेवा करने और उसे रोटी खिलाने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

साध्वी शीतलगुणाश्री ने कहा कि आपका सम्मान उन शब्दों मे नही है, जो आपके सामने कहे गए, बल्कि उन शब्दों मे है, जो आपकी अनुपस्थिति मे आपके लिए कहें जाते हैं। मनोज परमार ने बताया कि साध्वी के दर्शनार्थ भक्तजनों का आवागमन जारी है। कुमारपाल घोडा परिवार विनोद भंसाली, रिंकू भंसाली, राखी भंसाली, पूनम भंसाली, समृद्ध भंसाली ने सेवा भक्ति का लाभ लिया।