
स्व-सीमित बीमारी, 5-7 दिनों तक रहती है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने चीन में बच्चों में फैल रही श्वसन संबंधी बीमारियों के पीछे असामान्य रोगजनक नहीं बल्कि इन्फ्लूएंजा, निमोनिया, माइकोप्लाज्मा व कोविड को कारण बताया है। इसका हवाला देते हुए Karnataka स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को जनता के लिए जारी एडवाइजरी में कहा कि यह स्व-सीमित बीमारी 5-7 दिनों तक रहती है और कम रुग्णता और मृत्यु दर का कारण बनती है।
जोखिम वाली आबादी में शिशु, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले और लंबे समय से दवाएं, विशेष रूप से स्टेरॉयड लेने वाले लोग शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो सकती है। बुखार, ठंड लगना, अस्वस्थता, भूख न लगना, मितली, छींक आना और कई दिनों तक चलने वाली सूखी खांसी आदि इस बीमारी के सामान्य लक्षण हैं। उच्च जोखिम वाली आबादी को ये लक्षण तीन सप्ताह तक परेशान कर सकते हैं।
- खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें
- अपने हाथ बार-बार साबुन और पानी से धोएं
- अपनी आंखों, नाक या मुंह को अनावश्यक रूप से छूने से बचें
- भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और अगर ऐसी जगहों पर जाएं तो फेस मास्क का इस्तेमाल करें
- फ्लू से प्रभावित व्यक्तियों से बुनियादी न्यूनतम दूरी बनाए रखें
- पर्याप्त नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और तनाव से प्रभावी ढंग से निपटें
- खूब पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें
- सार्वजनिक स्थान नहीं थूकें
- इन्फ्लूएंजा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों वाले स्थानों की यात्रा से बचें
Published on:
29 Nov 2023 06:49 pm
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