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सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस रोकने पर गंभीरता से विचार : गुंडूराव

पूरे मामले पर मंथन जारी

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सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस रोकने पर गंभीरता से विचार : गुंडूराव

सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस रोकने पर गंभीरता से विचार : गुंडूराव

मैसूरु@ पत्रिका. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि सरकार प्रशासनिक सुधार आयोग-2 के प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव टी.एम. विजय भास्कर के उस सिफारिश पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से संचालित संस्थानों की तर्ज पर सभी सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। पूरे मामले पर मंथन जारी है। मंत्री ने कहा कि पहले चिकित्सकों की कमी थी। इस पृष्ठभूमि में सरकार ने सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस की छूट दी थी। अब उन्हें भी लगता है कि सरकारी चिकित्सा अधिकारियों को केवल सरकारी अस्पतालों में ही सेवा देनी चाहिए। अब केवल अनुबंध के आधार पर सेवा देने वालों को ही क्लिनिक चलाने की अनुमति है।

उन्होंने कहा कि निजी प्रैक्टिस के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं की समीक्षा होगी। इसके बाद सरकार आगे की रणनीति तय करेगी। मैसूरु के अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पर उन्होंने कहा कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।