
Shaadi ke fere
बेंगलूरु. बजट में आवंटन नहीं होने के बाद राज्य सरकार ने शादी भाग्य योजना को बंद कर दिया है। सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को इस योजना के तहत तत्काल प्रभाव से नए आवेदन स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए हैं। यह योजना सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस के समय अन्य भाग्य योजनाओं के साथ शुरु की गई थी। इस योजना को बंद करने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सोमवार को इस मसले को विधानसभा में उठा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक शनिवार को जारी आदेश में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से शादी भाग्य योजना के तहत नए आवेदन स्वीकार नहीं करने के लिए कहा गया है। पिछले सप्ताह वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेश बजट में इस योजना के लिए मुख्यमंत्री बी एस येडियूरप्पा ने कोई राशि आवंटित नहीं की थी। इसके बाद से ही इस योजना को बंद किए जाने की चर्चाएं थीं। सरकार ने विभाग से सोमवार तक इस योजना के लंबित आवेदनों का ब्यौरा मांगा है। कांग्रेस योजना को बंद करने के सरकार के फैसले का विरोध कर रही है। जनता दल-एस ने भी इसे लेकर सरकार की आलोचना की है। 2013 में शुरु की इस योजना का नाम पहले विदाई था लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर शादी भाग्य कर दिया गया। इस योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को शादी के लिए ५० हजार रुपए की आवश्यक सामग्री दी जाती है।
भाजपा के अल्पसंख्यक विरोधी सोच का परिचायक : सिद्धू
विपक्ष के नेता सिद्धरामय्या ने अपने सरकार के समय शुरु की गई शादी भाग्य योजना को बंद करने के निर्णय को लेकर येडियूरप्पा सरकार पर हमला बोला। सिद्धरामय्या ने दावणेरे में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस योजना को बंद करना भाजपा के अल्पसंख्यक विरोधी सोच का परिचायक है। सिद्धरामय्या ने इस योजना को रद्द करने के कदम को संविधान विरोधी करार देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 में किसी के साथ भेदभाव नहीं करने व सभी समुदायों को समान दृष्टि से देखने की बात कही गई है लेकिन भाजपा सरकार ऐसा नहीं करके अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव कर रही है।
येडि सरकार की विफलता: कुमार
पूर्व मुख्यमंत्री और जद-एस नेता एचडी कुमारस्वामी ने मैसूरु में रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान शादी भाग्य योजना को बंद करने के लिए येडियूरप्पा सरकार की आलोचना की। पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि येडियूरप्पा सरकार ने सिर्फ इस योजना को बंद किया है बल्कि राज्य का विकास भी अवरुद्ध है। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि शादी भाग्य की तरह ही सरकार की अन्य योजनाएं और कार्यक्रम भी काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में भी विकास के काम नहीं हो पा रहे हैं तो कल्पना किया जा सकता है कि सुशासन कैसा है।
Published on:
09 Mar 2020 01:10 am
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