
कांग्रेस में असंतोष दूर करने में जुटे सिद्धरामय्या
बेंगलूरु. भाजपा के कथित ऑपरेशन कमल को विफल करने व विधायकों में व्याप्त असंतोष दूर करने की कवायद में जुटे समन्वय समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने सोमवार सुबह से अपने सरकारी निवास कावेरी में पार्टी के मंत्रियों, विधायकों व प्रमुख नेताओं के साथ दिन भर बातचीत की और उनका असंतोष दूर करने के भरसक प्रयास किए।
इस दौरान बल्लारी जिले के चंद विधायकों को छोड़ लगभग सभी विधायकों ने सिद्धरामय्या से मिलकर अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखा और शिकायतों को दूर करने का आश्वासन प्राप्त किया। मंत्री जमीर अहमद खान, पूर्व मंत्री पी.टी. परमेश्वर नायक, डा. सुधाकर , तनवीर सेत, नरेन्द्र स्वामी, एमटीबी नागराज, भमा नायक, पूर्व मंत्री एच. आंजनेया, सी.एम. इब्राहीम सहित करीब 20 से अधिक प्रमुख नेताओं के साथ सिद्धरामय्या ने अलग अलग बुलाकर बातचीत की। इसी दौरान मंत्रिपद के दावेदारों व निगम बोर्ड में नियुक्तियां पाने के दावेदारों व उनके समर्थकों ने भी सिद्धरामय्या से मिलकर अपना अपना पक्ष रखा।
लगभग 12 दिनों के विदेश प्रवास से रविवार को ही लौटे सिद्धरामय्या से मुलाकात करने वाले के. सी. वेणुगोपाल, जी. परमेश्वर, दिनेश गुंडुराव व ईश्वर खंड्रे ने पार्टी में उत्पन्न मतभेदों को दूर करने की जिम्मेदारी सिद्धरामय्या को सौंपी, जिसके बाद सिद्धरामय्या ने अनेक नेताओं से मुलाकात करके उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया।
सिद्धरामय्या ने पार्टी के अनेक असंतुष्ट नेताओं के साथ टेलिफोन पर भी बातचीत की और गंठबंधन सरकार को किसी भी हाल में ठेस नहीं पहुंचने देने, पार्टी छोडऩे का निर्णय नहीं करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त नहीं रहने की सलाह दी और आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य से कांग्रेस को अधिक सीटों पर जीत दिलाने के लिए जुट जाने की अपील की। बातचीत के दौरान उन्होंने जहां कई नेताओं को मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्री बनाने का भरोसा दिलाया वहीं अनेक विधायकों को प्रमुख निगम बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कराने का भी भरोसा दिलाया।

Published on:
17 Sept 2018 11:44 pm
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