
एसआइटी करेगी ऑडियो क्लिप की जांच
भावुक विधानसभा अध्यक्ष ने कही इस्तीफा देने की बात, सदस्यों ने जताया भरोसा
बेंगलूरु. प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच छिड़ी सियासी जंग में आई विवादास्पद सीडी की गूंज सोमवार को विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी सुनाई दी। अब इस सीडी की सत्यता की जाँच एसआइटी (विशेष जाँच दल) करेगी और 15 दिनों के भीतर उसे रिपोर्ट सौंपेगी। सीडी में अपना नाम आने पर विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार भावुक हुए और दुख व्यक्त करते हुए पद छोडऩे की बात कही।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही खुद रमेश कुमार ने चर्चा आरंभ करते हुए कहा कि उनका हर कदम सदन की गरिमा की रक्षा के लिए उठेगा। लेकिन, दुर्भाग्य से एक सदस्य ने उनका नाम लिया है और कहा है कि उन्होंने 50 करोड़ रुपए लिए हैं। इसके बदले में कोई भी विधायक इस्तीफा देगा तो वे स्वीकार कर लेंगे।
उन्होंने कहा, चूंकि, उस दिन बजट पेश होना था और उन पर संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन का दायित्व था इसलिए चुप रह गए। इसके बाद दो दिन तक उनकी क्या मनोदशा रही वे ही जानते हैं। यह कोई छोटी राशि नहीं है।
व्यथित कुमार ने कहा, जाकर देखिए उन्होंने अपने घर के बाहर नेम-प्लेट तक नहीं लगाई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उद्धरण देते हुए उन्होंने कहा कि ईमानदारी पर हमला मौत से भी बदतर है। वे इस्तीफा देने को तैयार हैं। हालांकि, सभी सदस्यों ने उनसे भावावेश में निर्णय नहीं करने को कहा। पूरे सदन ने उनपर विश्वास जताया जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा नहीं देेने की बात मान ली। चर्चा में ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री कृष्ण बेरेगौड़ा, डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, एचके पाटिल, भाजपा नेता मधुस्वामी, बीएस येड्डियूरप्पा, सुरेश कुमार और मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने मामले की जांच एसआइटी से कराने का सुझाव मुख्यमंत्री को दियाा। अब एसआइटी इस मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। लेकिन, भाजपा ने एसआइटीजांच कराने के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि उन्हें सरकार की जांच पर यकीन नहीं है।
लोस में भी हंगामा
उधर, लोकसभा में भी प्रश्नकाल शुरू होते ही प्रदेश कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त का मुद्दा उठाया जिसके बाद काफी शोर-शराबा हुआ। शून्यकाल में फिर एक बार इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि उनके लोकसभा क्षेत्र की एक विधानसभा क्षेत्र के विधायक को प्रलोभन देकर तमाम आश्वासन दिए गए हैं। उनका इशारा चिंचोली विधायक उमेश जाधव की ओर था।
केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के भाजपा सांसद सदानंद गौड़ा ने कहा कि पिछले आठ महीने से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और जद-एस के बीच लड़ाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अंदर भी घमासान मचा हुआ है और पिछले दिनों पार्टी के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी के दूसरे विधायक की पिटाई की और वह अस्पताल में हैं।
केंद्रीय सांख्यिकी मंत्री गौड़ा ने कांग्रेस सदस्यों पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राज्य का विषय है और इस मुद्दे पर चर्चा राज्य विधानसभा में होनी चाहिए, जहां सत्र चल रहा है। इस विषय पर पूर्व प्रधानमंत्री और जद-एस नेता एचडी देवगौड़ा ने सरकार से अनुरोध किया कि कर्नाटक समेत पूरे देश में कहीं ऐसा नहीं हो, इसका प्रयास होना चाहिए। उन्होंने हाथ जोड़कर लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह सरकार से कहें कि संविधान में संशोधन कर इस संबंध में नियम बदले जाएं और लोकतंत्र को बचाया जाए।
इससे पहले प्रदेश के कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के सामने कथित ऑपरेशन कमल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कियाा।
Published on:
11 Feb 2019 08:59 pm
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