कुंबलगोडु में आरएसइटीआइ की राष्ट्रीय अकादमी स्थापित
बेंगलूरु. केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह भारतीय युवाओं के रोजगार प्रशिक्षण के लिए स्किल मैपिंग पर जोर देते हुए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने के लिए इलेक्ट्रोनिक, शिक्षा एवं प्रशिक्षण, आइटी-बीपीओ, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के साथ पारंपरिक व्यवसाय को जोड़ने की बात कही।
कुंबलगोडु में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास अकादमी एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसइटीआइ) की स्थापना के अवसर पर उन्होंने कहा कि आरएसइटीआइ ने 44 लाख युवाओं को अभी तक प्रशिक्षित किया है जिसमें से 31 लाख को अभी तक रोजगार मिल गया है। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की स्किल मैपिंग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि आरएसइटीआइ भारत को एक प्रमुख मानव संसाधान केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान के जरिए अभी तक जितने अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया उनमें से 66 फीसदी महिलाएं हैं। इससे यह साबित होता है कि संस्थान महिला सशक्तीकरण को अधिक महत्व दे रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसइटीआइ में प्रशिक्षित युवाओं को बैंकों का सपोर्ट मिल रहा है। अभी तक 14.28 लाख युवाओं को 7200 करोड़ का ऋण मिला है।
युवा बनें उद्योगपति और दूसरों को उपलब्ध कराएं रोजगार : बोम्मई
इस अवसर पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, सरकार की मंशा है कि प्रदेश के युवा सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर उद्योगपति बनें और दूसरों को रोजगार उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के 44 फीसदी जनसंख्या के युवकों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया। छोटे कार्य से लेकर अनुसंधान और विकास के लिए कौशल जरूरी हैै। निवेश के मामले में कर्नाटक पहले स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने कई कदम उठाए हैं। स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति योजना के तहत हर एक गांव के दो हजार युवा संघों को 5 लाख रुपयों तक की परियोजनाएं देकर एक लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। युवकों को प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों की बिक्री के लिए विपणन की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। इस योजना के तहत 5 लाख युवकों को खुद का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।