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उपनगरीय रेल परियोजना के लिए एक माह में एसपीवी का गठन

सीएम ने की उच्च स्तरीय बैठक

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उपनगरीय रेल परियोजना के लिए एक माह में एसपीवी का गठन

बेंगलूरु. बेंगलूरु उपनगरीय रेल परियोजना के विकास के बारे में बुधवार को यहां मुख्यमंत्री एचडी कमारस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में एक माह के भीतर स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का गठन करने का निर्णय किया गया। इस कंपनी में रेलवे की 49 फीसदी तथा राज्य सरकार की 51 फीसदी भागीदारी होगी। इसके लिए 350 करोड़ रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं और राज्य सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपए की राशि रेलवे के पास बतौर धरोहर जमा करवा दी है।

बैठक में कहा गया कि इस परियोजना के लिए बेंगलूरु शहर में स्थित 444 किमी लंबे रेल मार्ग का सदुपयोग करने के साथ ही कुछ स्थानों पर विस्तार तथा स्वचालित सिग्नलिंग की व्यवस्था तथा रेल मार्ग के विद्युतीकरण के जरिए उपनगरीय रेल परियोजना को लागू किया जाएगा। इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के बाशिंदों को त्वरित आवागमन की सुविधा मिलेगी। परियोजना के तहत 15 रेलगाडिय़ों का संपर्क उपलब्ध करवाया गया है और 1745 करोड़ रुपए के खर्च से 116 नई रेलगाडिय़ां उपलब्ध करवाने की संभावनाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय कृष्णा में बुलाई गई इस बैठक में निति आयोग्य के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत,विशेषज्ञ प्रशांत श्रीनिवास, उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर, उद्योग मंत्री केजे जार्ज, राजस्व मंत्री आरवी देशपांडे,लोक निर्माण मंत्री एचडी रेवण्णा, मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आइएसएन प्रसाद, शहरी विकास विभाग के मुख्य सचिव महेन्द्र जैन मुख्यमंत्री केसचिव ईवी रमणरेड्डी ने भाग लिया।

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विधानसौधा में मीडिया का प्रवेश सीमित करने के पक्ष में नहीं : उपमुख्यमंत्री
बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने कहा कि पत्रकारों और आम लोगों को विधानसौधा या विकास सौधा में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं, वे इसके पक्ष में नहीं हैं। मीडिया संविधान का चौथा स्तंभ है। मीडिया को सरकार के हर काम और इसी नीति के तहत जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। अगर किसी भी मामले में सरकार स्पष्टीकरण नहीं देगी तो कौन देगा?

मीडिया पर प्रतिबंध लगाने पर समाज को गलत संदेश जाएगा। नागरिक आज भी मीडिया पर विश्वास रखते हैं। सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी और इसका लाभ लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की प्रमुख भूिमका होती है। वे इस विषय को शीघ्र ही आरंभ होने वाली गठबंधन सरकारी की समन्वयन समिति की बैठक में अपना पक्ष रखेंगे।