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राज्य के पनबिजली केंद्रों में पर्याप्त पानी का भंडारण

राज्य के प्रमुख पनबिजली केंद्र लिंगनमक्की, सुपा, वराही बांधों में पानी का भंडारण पर्याप्त होने के कारण यहां प्रति दिन 31.05 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। शरावती नदी पर वर्ष 1964 में निर्मित राज्य का प्रमुख पनबिजली केंद्र लिंगनमक्की बांध इस बांध के निर्माण के बाद अभी तक 19 बार लबालब हो गया है

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राज्य के पनबिजली केंद्रों में पर्याप्त पानी का भंडारण

राज्य के पनबिजली केंद्रों में पर्याप्त पानी का भंडारण

बेंगलूरु.राज्य के प्रमुख पनबिजली केंद्र लिंगनमक्की, सुपा, वराही बांधों में पानी का भंडारण पर्याप्त होने के कारण यहां प्रति दिन 31.05 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।कर्नाटक ऊर्जा निगम के सूत्रों के मुताबिक अगले वर्ष जून माह तक इन केंद्रों में अबाधित रुप से बिजली का उत्पादन संभव है।लिहाजा राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर कोई समस्या नहीं होगी।
शिवमोग्गा जिले के सागर तहसील में शरावती नदी पर वर्ष 1964 में निर्मित राज्य का प्रमुख पनबिजली केंद्र लिंगनमक्की बांध इस बांध के निर्माण के बाद अभी तक 19 बार लबालब हो गया है।केंद्र के मुख्य अभियंता चैतन्य प्रभू के अनुसार इस वर्ष भी यह बांध लबालब होने के कारण बांध के सभी 11 गेट खोलकर 44 हजार 393 क्यूसेक पानी बांध से छोडा जा रहा है। सितम्बर माह से इस पनबिजली केंद्र में प्रति दिन 21 लाख युनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
लिंगनमक्की बांध के परिसर मे हो रही लगातार बारिश के कारण अभी बांध में जलस्तर 1819 फीट तक पहुंच गया है।इस बांध में 156 टीएमसी पानी का संग्रहण संभव होने के कारण यह कर्नाटक का सबसे बडा बांध है।पानी के भंडारण के कारण शरावती पनबिजली केंद्र की दस इकाईयों में से 9 इकाईयों में पन बिजली का उत्पादन हो रहा है। इन 9 इकाईयों में 1080 मेगवाट पन बिजली का उत्पादन हो रहा है। जो राज्य के पनबिजली उत्पादन का एक तिहाई बिजली उत्पादन है।राज्य में कुल मिलाकर सभी स्रोतों से 3504 मेगावाट पनबिजली का उत्पादन हो रहा है।