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बैंगलोर

कपड़ा उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा-राज्यपाल

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संगठन में शक्ति होती है। संगठन को मजबूत करने के लिए हमें अपना स्वार्थ छोडकऱ एक दूसरे के सुख-दुख का साथी बनने की कोशिश करनी चाहिए।

बैंगलोरJun 16, 2024 / 06:19 pm

Yogesh Sharma

टैक्सटाइल व्यापारी सम्मेलन और निर्देशिका विमोचन समारोह
दी बेंगलूरु होलसेल क्लोथ मर्चेंट एसोसिएशन का आयोजन

बेंगलूरु. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संगठन में शक्ति होती है। संगठन को मजबूत करने के लिए हमें अपना स्वार्थ छोडकऱ एक दूसरे के सुख-दुख का साथी बनने की कोशिश करनी चाहिए। परस्पर एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनेंगे तो निश्चित रूप से ये एसोसिएशन व इससे सबंंधित सभी सदस्य सुख का अनुभव करेंगे और प्रसन्नता जीवन को सार्थक करने में सहायक सिद्ध होती है। राज्यपाल रविवार को दी बेंगलूरु होलसेल क्लोथ मर्चेन्ट एसोसिएशन की ओर से पैलेस ग्राउंड के शृंगार पैलेस में आयोजित दी टैक्सटाइल व्यापारी सम्मेलन और नए सदस्यों की निर्देशिका के विमोचन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। समारोह के दौरान अतिथियों ने दी बेंगलूरु होलसेल क्लोथ मर्चेंट एसोसिएशन की निर्देशिका का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा का दौर है। इस दौर में हमें अपने व्यापार को विकसित करने के लिए मार्केटिंग स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग प्लान के साथ टेक्निकल होकर व्यापार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक और ऑटोमैटिक सिस्टम डिजीटल और ऑनलाइन प्रचलित हैं। उनके उपयोग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत में कपड़ा उद्योग का इतिहास बहुत लम्बा और विविधिता पूर्ण रहा है। कृषि के बाद कपड़ा उद्योग देश का सबसे बड़ा उद्योग है। ये उद्योग सदियों से देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, आज भी है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था में व्यापारियों का अहम योगदान है और आगे भी रहेगा ऐसा विश्वास है। हाल के वर्षों में नई तकनीक की शुरुआत और भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के साथ इस उद्योग में कई बदलाव हुए हैं। कपड़ा उद्योग अब भारत में सबसे गतिशील और सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व में रेशम का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश भी है। भारतीय कपड़ा उद्योग में हस्तशिल्प और हाथ से बने वस्त्रों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। इनकी घरेलू बाजार के साथ-साथ अन्तरराष्ट्रीय बाजार में भी मांग बढ़ रही है। ये न केवल भारतीय संस्कृति और परम्परा को दर्शाते हैं बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं। समग्र रूप से कपड़ा उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा होने के साथ भारतीय संस्कृति और परम्पराओं को भी संजोए रखने में मदद करता है।
नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी ने कहा कि ‘मैनें कर्नाटक के मुख्यमंत्री के लिखा है कि भारत सरकार का नेशनल ट्रेडर्स बोर्ड हो गया है। भारत सरकार ने यह तय किया है कि अब प्रदेश स्तर पर भी बोर्ड बनना चाहिए’ साथ ही जिला स्तर पर भी कमेटी बननी चाहिए। जिला स्तरीय कमेटी होने से व्यापारियों को आसानी हो जाएगी कि कलक्टर के माध्यम से हर तीन माह में व्यापारियों की समस्याओ की समीक्षा की जाएगी। व्यापारियों का जिस प्रकार का सम्मान होना चाहिए उसमें अधिकारियों के द्वारा जो तकलीफ आती है उसकी भी समीक्षा की जाएगी। उस समस्या को निदान करने का कार्य भी भारत सरकार ने शुरू कर दिया है। अब छोटे से छोटा व्यापारी ऑनलाइन के माध्यम से अपना रजिस्टे्रशन करवा सकता है। इसका प्रजेंटेशन भी बोर्ड के सदस्य प्रकाश पिरगल करवा देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकल फॉर वोकल की बात करते हैं। प्रधानमंत्री विकसित भारत की परिकल्पना का संकल्प लेकर आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगले तीन वर्षों में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। इस अवसर पर बेंगलूरु मध्य के सांसद पीसी मोहन ने कन्नड़ में अपने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व दी बेंगलूरु होलसेल क्लोथ मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश पिरगल ने अतिथियों का शॉल, माला व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में बताया कि एसोसिएशन ने 1223 सदस्यों की डायरेक्ट्री का प्रकाशन किया है। डायरेक्ट्री चेयरमैन महावीर मेहता ने भी विचार व्यक्त किए। समारोह के दौरान जोधराज मांडोत व रमेश का भी सम्मान किया गया। समारोह का संचालन एमसी बिंदू मेहता ने किया व आभार एसोसिएशन के सचिव योगेश सेठ ने जताया।

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