
कपड़ा सचिव ने की केन्द्रीय रेशम बोर्ड की सराहना
बेंंगलूरु. केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की सचिव रचना शाह ने शनिवार को केंद्रीय रेशम बोर्ड बेंगलूरु का दौरा किया। उन्होंने एनएसएसओ के तहत रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र और सीएसबी सचिवालय परिसर में केंद्रीय रेशम प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान का भी दौरा किया। उन्होंने एनएसएसओ के निदेशक और एसएसपीसी के वैज्ञानिक डॉ. एस. मंथिरा मूर्ति की ओर से बताई गई बीज उत्पादन की प्रक्रिया में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने उद्योग के विकास में केन्द्रीय रेशम बोर्ड के योगदान की सराहना की।
रचना शाह ने केंद्रीय रेशम बोर्ड की तकनीकी शाखा, केंद्रीय रेशम प्रोद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसटीआरआई) की ओर से प्रसंस्करण के लिए विकसित स्वदेशी स्वचालित रीलिंग मशीन और अन्य मशीनरी का भी अवलोकन किया। सीएसटीआरआई के निदेशक डॉ.एस.पेरियासामी ने अपने वैज्ञानिकों की टीम के साथ संस्थान की तकनीकी प्रगति के बारे में शाह को बताया। उन्होंने जंगली रेशम की विपणन संभावनाओं के बारे में भी बताया। शाह को प्रदर्शन अत्यंत रोचक एवं शिक्षाप्रद लगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे आदिवासी राज्यों में तसर संस्कृति पर निर्भर महिलाओं के जीवन पर इसके प्रभाव के लिए बुनियाद रीलिंग मशीन के लिए सीएसबी के समर्थन की सराहना की।उन्होंने उत्पाद डिजाइन, विकास और विविधीकरण (पी3डी) केंद्र का भी दौरा किया, जो उत्पाद इंजीनियरिंग, रेशम मिश्रण, कपड़े की संरचनाओं को डिजाइन करने और रेशम समूहों के उत्पाद विकास पर केंद्रित है और उन्होंने एरी रेशम डेनिम और निटवेअर, विभिन्न समूहों की रेशम साडिय़ों में गहरी रुचि दिखाई। विशेष रूप से पोशाकें, सुनहरे मूगा रेशम और रेशम हस्तशिल्प।
सचिव (कपड़ा)ने कर्नाटक के रेशम उत्पादन विकास आयुक्त एम.बी.राजेश गौड़ा के साथ भी बैठक की।केन्द्रीय रेशम बोर्ड बेंगलूरु के सदस्य सचिव पी.शिवकुमार ने केंद्रीय रेशम बोर्ड की अनुसंधान और विकास गतिविधियों और देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के सीएसबी के दृष्टिकोण के बारे में बताया। उन्होंने उद्योग के विकास के लिए केंद्रीय रेशम बोर्ड की निरंतर पहल के 75 वर्ष पूरे होने के जश्न के एक हिस्से के रूप में चल रहे कार्यक्रमों और गतिविधियों के बारे में सचिव (कपड़ा) को भी अवगत कराया। इस अवसर पर रचना शाह ने सीएसबी सचिवालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने सीएसबी वैज्ञानिकों की उनके अमूल्य योगदान के लिए सराहना की।
Published on:
16 Dec 2023 07:08 pm
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