
सफाई कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
शहर से नहीं उठा कचरा, पहले दिन ही लगा गंदगी का अंबार
मैसूरु. सफाई कर्मचारियों ने बुधवार से महलों के शहर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर से कचरा नहीं उठा और सड़कों व नालियों की सफाई भी नहीं हुई। इसके चलते शहर की सड़कों पर चहुंओर कचरा पसरा नजर आया। कर्मचारियों ने मैसूरु नगर निगम (एमसीसी) मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक राज्य सिटी काउंसिल, टाउन नगर परिषद, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नारायण ने कहा कि कर्मचारियों ने दशहरा उत्सव का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है, ताकि निगम पर दबाव बनाया जा सके। हड़ताल में सफाई कर्मियों के साथ डे्रनेज विंग के कर्मचारी संघ भी शामिल हंै।
नारायण ने कहा कि सालप्पा समिति की रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक 500 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए। जबकि वर्तमान में 700 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि सरकार सालप्पा समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू करे। मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में विरोध तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संविदा आधारित रोजगार रद्द करने का निर्णय किया था, साथ ही सभी संस्थानों को स्थाई कर्मचारी नियुक्त कर वेतन का भुगतान करने को कहा था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 3 साल पहले नाश्ते के लिए 20 रुपए की राशि की घोषणा की गई थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है। इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सफाई कर्मचारियों की वाजिब मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे जम्बो सवारी के दौरान सभी ड्रेनेज ब्लॉक कर देंगे।
बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित
बेंगलूरु. भवान महावीर मानवता केंद्र ट्रस्ट की ओर से संगबसवन स्थित प्राइमरी स्कूल में बच्चों को शिक्षण सामग्री व गणवेश, शेषाद्रीपुरम स्थित ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन में नेत्रहीन बच्चों को दवा व खाद्य सामग्री, गल्र्स स्कूल में छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित की गई। ट्रस्टी देवराज कोठारी ने बताया कि आगामी 28 अक्टूबर को गुरु गणेश मरुधर केसरी भवन में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा।
Published on:
04 Oct 2018 04:49 pm
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