
जो हमारे गुरूर को मिटा दे वही सच्चे गुरु
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर में साध्वी संयमलता ने कहा कि जो हमारे गुरूर को मिटा दे वही सच्चे गुरु होते हैं। उन्होंने कहा कि बिगड़ी तकदीर को संवारे वाले गुरु ही होते हैं। गुरु एक पथ प्रदर्शक है, मार्गदर्शक है, राह दिखाने वाले हैं। गुरु ज्ञान का पावर हाउस है। सद्गुरू जीवन रूपी ट्रेन का स्टेशन है।
कैलेण्डर की तारीख बदलती है, इंद्रधनुष के रंग बदलते हैं परंतु हमें अपने जीवन में वस्त्रों की तरह गुरु नहीं बदलना है। साध्वी अमितप्रज्ञा ने कहा कि गुरु बिना जीवन सूना है। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। साध्वी कमलप्रज्ञा, साध्वी सौरभप्रज्ञा, संघमंत्री ज्ञानचंद लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए।
राजपुरोहित समाज मैसूरु के तत्त्वावधान में शंकर मठ परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गुरु खेतेश्वर महाराज के फोटो पर पुष्पमाला पहना व ज्योत प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद राजस्थानी लोक भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिस पर भक्तजन झूम उठे। दूसरे दिन महाआरती के बाद विभिन्न प्रकार के चढ़ावों की बोलियां बोली गई। लाभार्थियों का बहुमान किया गया। महिलाओं ने मधुर मायड़ भाषा में लोक भजनों की प्रस्तुति दी। धर्मसभा में नंजनगुड, बन्नूर, गुंडलपेट, केआरपेट, सोमवारपेट, हुणसूर, बिलकेरे आदि क्षेत्रों से समाज बंधुओं ने भाग लिया।
जय अम्बे मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में संतोषी मां मदिर प्रांगण में गुरु पूर्णिमा हर्षोल्लास से मनाई गई। धर्मप्रमी बंधुओं ने गुरु मृदुलाबेन जाडेजा के पाद प्रक्षालन और आशीर्वाद का लाभ लिया। मां संतोषी की आरती की गई। भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
हमेशा गुरु के पीछे चलो
बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ शांतिनगर में आचार्य महेंद्र सागर सूरी ने कहा कि मां-बाप जन्म देकर बहुत बड़ा उपकार करते हैं, पर जन्म कैसे सफल करना है यह गुरु सिखाते हैं। इसलिए तो कहते हैं कि गुरु के पीछे चलो, जिससे सच्चा मार्ग मिल सके। गुरु की आंखों में समाने के लिए गुरु की हर बात को मानना पड़ता है। कभी भी गुरु की अवज्ञा नहीं करने वाला उत्तम और कृतज्ञ शिष्य है। वही कल्याण का भागी है।
Published on:
28 Jul 2018 06:09 pm
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