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मैसूरु में स्थापित अत्याधुनिक वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्र

केंद्र से वर्षा सहित लगभग 20 पैरामीटर की निगरानी की जा सकती है

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मैसूरु में स्थापित अत्याधुनिक वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्र

मैसूरु. महलों के शहर मैसूरु में स्वच्छ आबोहवा की निगरानी के लिए कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) ने शहर के बाहरी हिस्से में एक अत्याधुनिक वायु प्रदूषण निगरानी केन्द्र की स्थापना की है। इस केन्द्र से वायु गुणवत्ता की वास्तविक समय निगरानी शुरू हो गई है और पिछले सोमवार को रिकॉर्ड प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय सीमाओं के भीतर पाए गए थे।

वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली का नाम ऑनलाइन निरंतर परिवेश वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्र रखा गया है जिसकी स्थापना पर करीब 1.5 करोड़ रुपए की लागत आई है और रखरखाव का जिम्मा एक निजी एजेंसी को सौंपा गया है। इस केन्द्र के माध्यम से वर्षा सहित लगभग 20 पैरामीटर की निगरानी की जा सकती है। स्टेशन के बगल में एक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले स्थापित किया गया है जहां सार्वजनिक उपलब्धता के लिए निरंतर निगरानी डेटा प्रदर्शित होता है।

बोर्ड के क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी बीएम प्रकाश ने कहा कि स्टेशन पूर्णत: स्वचालित है। इसके संचालन के लिए किसी प्रकार से मानवशक्ति की आवश्यकता नहीं है बल्कि यह पूरी तरह से कम्प्यूटर नियंत्रित प्रणाली है। केन्द्र से कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, अमोनिया, ओजोन, कण पदार्थ, इथेन, बेंजीन और अन्य मानकों पर वायु गुणवत्ता की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकती है और डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि स्टेशन में हाई-टेक उपकरण का उपयोग करके परिवेश का तापमान, आद्र्रता, हवा की गति, विकिरण के स्तर और वर्षा की भी निगरानी की जा सकती है। 15 मिनट से 24 घंटे के डेटा को पुनप्र्राप्त किया जा सकता है। विभिन्न मानकों के लिए अलग-अलग मशीनें हैं और सभी सेंसर आधारित है।


रंग देखकर पता चलेगा प्रदूषण स्तर
बोर्ड पहले पारंपरिक तरीकों का उपयोग करके चार प्रमुख वायु प्रदूषकों की निगरानी कर रहा था। हालांकि अब इस निगरानी स्टेशन की स्थापना होने से कई प्रकार के प्रदूषकों की निरंतर निगरानी की जा सकती है, खासकर त्यौहारों के दौरान जब वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ जाता है उसे भी प्राप्त किया जा सकता है। प्रदूषण का स्तर जानने के लिए रंग कोड को आधार बनाया गया है।

इसके तहत अच्छे के लिए हरा, संतोषजनक के लिए हल्का हरा और मध्यम स्तरीय प्रदूषण के लिए पीला रंगा प्रदर्शित होगा। बोर्ड की योजना है कि जल्द ही ऐसा ही एक स्टेशन चमारजनगर में स्थापित किया जाएगा जबकि राज्य के अन्य शहरों में भी जल्द ही ऐसे स्टेशन स्थापित होंगे।