
पालिका के महिला सफाई कर्मचारियों ने भी की यौन उत्पीडऩ की शिकायत
बेंगलूरु. मी टू अभियान की तपिश अब बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अधिकारियों तक भी पहुंचने लगी हैं। कई महिला सफाई कर्मचारी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ यौन उत्पीडऩ़ की शिकायतें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगी हैं।
महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीडऩ से संबधित पोस्ट में मी टू लिखा है तो कुछ ने दे टू लिखा है। ऐसी कई महिलओं ने यौन उत्पीडऩ और अन्य परेशानियों से संबंधित विवरण सोशल मीडिया पर डाले हैं। महिला कर्मचारियों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि उन्हें ठेकेदारों और अधिकारियों के हाथों यौन उत्पीडऩ का सामना करना पड़ रहा है।
अब तक किसी ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया था। अब उन्होंने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा है कि गुजारे के लिए उन्हें काम की जरूरत थी, इसलिए सब कुछ खामोशी से बर्दाश्त करती रहीं। एक कम उम्र की महिला कर्मचारी ने लिखा है कि उसके अलावा उसकी सास को भी यौन उत्पीडऩ का सामना करना पड़ा है। वेतन के लिए उनका यौन उत्पीडऩ कर अनैतिक मांगें पूरी करवाई जाती हैं।
एक अन्य महिला ने लिखा है कि पालिका में नब्बे फीसदी महिलाएं अशिक्षित हैं। इसलिए अधिकारी और ठेकेदार उनके साथ भेदभाव करते हैं और हर दिन उनका उत्पीडऩ करते हैं। मजबूरी में उन्हें अधिकारियों और ठेकेदारों की हर बात माननी पड़ती है।
इनकार करने पर उनका वेतन काटा जाता है। एक महिला सफाई कर्मचारी ने लिखा है कि अभिनेत्रियों, नेताओं और खिलाडिय़ों से जुड़ी घटनाओं को मीडिया में प्रमुखता दी जाती है। लेकिन उनके उत्पीडऩ की घटनाओं पर पर्दा डालने का प्रयास किया जाता है और इसे सार्वजनिक नहीं होने दिया जाता।
शिकायत करने पर कार्रवाई होगी: मंत्री
उप मुख्यमंत्री डॉ.जी.परमेश्वर ने कहा कि कई महिला सफाई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर यौन उत्पीडऩ की शिकायतें की हैं। ऐसी कर्मचारियों का कोई विवरण उपलब्ध नहीं है। अगर महिला सफाई कर्मचारी शिकायत करेंगी तो उस पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
27 Oct 2018 07:28 pm
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