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हार-जीत के लग रहे कयास, प्रवासी कह रहे हैं कि कुछ कह नहीं सकते

राजस्थान में विधानसभा चुनाव

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बेंगलूरु. राजस्थान के विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब किसकी जीत किसकी हार पर मंथन शुरू हो गया है। बेगलूरु में बसे प्रवासी राजस्थानी जहां अखबारों, समाचार चैनलों पर नजर रखे हुए हैं वहीं राजस्थान में रह-रहे भाई-बंधु, परिजनों से भी जीत-हार की संभावना पर चर्चा की जा रही है। मतदान के लिए बड़ी संख्या में राजस्थान गए लोग अब वहां से लौट रहे हैं लेकिन सबकी जुबान पर एक ही सवाल है कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ में होगी। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए जहां विशेषज्ञों के विचार जाने-सुने जा रहे हैं वहीं एक-दूसरे से चर्चा भी की जा रही है।

हालांकि राजस्थान में बढ़े मतदान प्रतिशत ने दोनों राष्ट्रीय दलों के समर्थकों को खुश होने का मौका दिया है। दोनों दलों के समर्थकों का मानना है कि उनके पक्ष में भारी मतदान हुआ है। वर्ष 2018 में जहां राजस्थान में 74.71 प्रतिशत मतदान हुआ था वहीं इस बार यह 74.96 प्रतिशत रहा।

राजस्थान में सगे-संबंधियों से हो रही बातचीत में स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ रही है। राजस्थान से मिल रहे अनिश्चितता भरे जवाबों से यह तय नहीं हो पा रहा है कि राज बदलेगा या रिवाज। मतदान के लिए राजस्थान गए लोग कहते हैं कि हमारे क्षेत्र में तो जोरदार वोटिंग हुई है लेकिन परिणाम के लिए कुछ कहा नहीं जा सकता।

रविवार को होने वाली मतगणना में किसके हाथ लगेगी जीत और कौन हारेगा, पता चल जाएगा। फिलहाल तो प्रवासी एक ही बात कह रहे हैं, कुछ कह नहीं सकते।