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कोविड महामारी के प्रभाव से उबरा पर्यटन क्षेत्र

-लाखों लोग पहुंचे मैसूरु

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कोविड महामारी के प्रभाव से उबरा पर्यटन क्षेत्र

कोविड महामारी के प्रभाव से उबरा पर्यटन क्षेत्र

विश्व प्रसिद्ध मैसूरु दशहरा से लेकर वर्ष 2023 के अंत तक की अवधि मैसूरु पर्यटन के लिए अद्भुत रहा है। देश-विदेश से लाखों पर्यटक मैसूरु पहुंचे और पर्यटन उद्योग में जान आ गई। हितधारकों के अनुसार पर्यटन क्षेत्र कोविड महामारी के प्रभाव से उबर गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग जनवरी में ब्रांड मैसूरु फेस्ट का आयोजन करेगा। मैसूरु की ब्रांड पहचान को बढ़ावा देने के लिए आयोजित यह पहला ऐसा कार्यक्रम है।

गत वर्ष के अंतिम सप्ताह के दौरान 2.28 लाख आगंतुक मैसूरु चिड़ियाघर पहुंचे। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर, चिड़ियाघर ने 40,761 आगंतुकों को आकर्षित किया, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है। क्रिसमस के दिन 35,344 लोग चिड़ियाघर पहुंचे। 23 दिसंबर को 25,860, 26 दिसंबर को 14,476, 27 दिसंबर को 28,425, 28 दिसंबर को 29,906, 29 दिसंबर को 26,450 और 30 दिसंबर को 27,092 लोग आए।

मैसूरु महल, शहर में सबसे अधिक देखा जाने वाला गंतव्य रहा है। दिसंबर के अंत में महल परिसर में आयोजित वार्षिक शीतकालीन पुष्प शो ने पर्यटन को बड़ा बढ़ावा दिया। लोग कार्यक्रम स्थल पर उमड़ पड़े। यह महल देश के सबसे अधिक देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है और लगातार पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है।

आतिथ्य क्षेत्र में भी जान आ गई। मैसूरु में मानक बजट श्रेणी से लेकर लक्जरी श्रेणी तक के लगभग 425 होटल हैं। साल के अंत में सभी होटलों के कमरे बुक रहे। 10 हजार से ज्यादा कमरे बुक किए गए थे। मैसूरु दशहरा के समय भी शहर के होटलों के 95 फीसदी से ज्यादा कमरे बुक थे। अधिकारियों के अनुसार 1.65 लाख से ज्यादा लोग चिडिय़ाघर पहुंचे।

दशहरा महोत्सव के दौरान 1.17 लाख पर्यटक मैसूरु पैलेस देखने पहुंचे। पांच लाख से ज्यादा लोग ऐतिहासिक दशहरा उत्सव के गवाह बने।