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गगनचुक्की और भरचुक्की पर लगा पर्यटकों का मेला

कावेरी नदी के प्रवाह क्षेत्र में गत 15 दिनों से हो रही बारिश के कारण यहां के गगनचुक्की तथा भरचुक्की जलप्रपात का वैभव चरम पर है।

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गगनचुक्की और भरचुक्की पर लगा पर्यटकों का मेला

गगनचुक्की और भरचुक्की पर लगा पर्यटकों का मेला

चामराजनगर. कावेरी नदी के प्रवाह क्षेत्र में गत 15 दिनों से हो रही बारिश के कारण यहां के गगनचुक्की तथा भरचुक्की जलप्रपात का वैभव चरम पर है। इन जलधाराओं का अद्भुत नजारा देखने के लिए जलप्रपातों के परिसर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वैसे तो ये प्रपात आसपास हैं, लेकिन इनके नजारे अलग हैं। गगनचुक्की जलप्रपात की धाराएं विस्तारित होने से इस जलप्रपात का विस्तार पर्यटकों को आकर्षित करता है तो भरचुक्की जलप्रपात की धाराएं अधिक ऊंचाई से खाई में गिरती हैं।

भरचुक्की जलप्रपात में कावेरी नदी का लगभग 1 किलोमीटर तक फैला पानी 100 फीट ऊंचाई से गिरता है। दूध जैसी यह जलधारा पर्यटकों को आश्चर्य से भर देती है। इस नजारे को दूर से देखने से लगता है कि पहाड़ी से दूध की धाराएं बह रही हैं। इन दोनों जलप्रपातों के आस-पास के घने वनक्षेत्र की हरी-भरी प्राकृतिक सुषमा पर्यटकों के लिए किसी नंदनवन का दृश्य दिखा रही है। लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से गगनचुक्की की धाराओं की ध्वनि पर्यटकों को शक्ति का अहसास दिलाती है।


जल्द लबालब हो जाएगा बांध
बेंगलूरु. कावेरी जल ग्रहण क्षेत्रों में पिछले 15 दिनों से हो रही बारिश के कारण जिले के कृष्ण राज सागर (केआरएस) बांध का जलस्तर 100 फीट के पार पहुंच गया है। लगातार चार वर्ष से सूखे की मार झेलने वाले कर्नाटक में हाल के वर्षों में केआरएस के लिए यह एक ऐतिहासिक घटना है कि जून महीने में जलस्तर १०० फीट के पार पहुंच गया है।


कावेरी नीरवारी निगम लिमिटेड (सीएनएनएल) के अनुसार १२४.८० अधिकतम क्षमता वाले केआरएस का जलस्तर रविवार सुबह १०० फीट के पार पहुंच गया। अधिकारियों ने कहा कि अगर इसी प्रकार आने वाले एक पखवाड़े तक मलनाड और कोड़ुगु क्षेत्र में बारिश होते रही तो जुलाई महीने में केआरएस लबालब हो जाएगा।


पिछले एक सप्ताह के दौरान केआरएस का जलस्तर १२ फीट बढ़ा है जबकि मई के पहले सप्ताह के बाद से जलस्तर में करीब ३० फीट की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर १४ जून को ९०.८० फीट, १५ जून को ९४.५ फीट और १६ जून को ९८.५० फीट हो गया था जबकि रविवार को जलस्तर १०० फीट के पार पहुंच गया। इस प्रकार चार दिनों में जलस्तर करीब १० फीट बढ़ा है।


साल २००८ के बाद इतना पानी
दस वर्ष बाद जून के दूसरे सप्ताह में केआरएस का जलस्तर १०० फीट के पार पहुंचा है। इसके पूर्व १७ जून २००८ को जलस्तर १०० फीट के निशान तक पहुंचा, लेकिन इस बार जलस्तर १६ जून २०१८ को ही १०० फीट पर पहुंच गया है। गौरतलब है कि पिछले तीन वर्ष के दौरान केआरएस पूरी तरह से लबालब नहीं हुआ है। जहां वर्ष-२०१५ में जलस्तर १११ फीट पहुंचा था, वहीं पिछले वर्ष-२०१७ में ११४ फीट जबकि २०१६ में जलस्तर ९९.६५ फीट रह गया था। रविवार को केआरएस में पानी का अंतर्वाह 24,424 जबकि बहिर्वाह 450 क्यूसेक रहा। इधर बेंगलूरु में भी दिनभर लगातार बारिश होती रही और छुटटी मनाने घर से निकले लोगों ने इसका पूरा मजा लिया।