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एनएच-275 पर आवागमन ठप

मडिकेरी-विराजपेट सड़क पर मेखरी के आसपास भू-स्खलन की घटनाएं थमी नहीं है

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एनएच-275 पर आवागमन ठप

बेंगलूरु. पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के बावजूद मडिकेरी-मेंगलूरु राष्ट्रीय उच्च पथ-275 को चालू करने की कोशिश जारी है। एनच-275 भू-स्खलन के कारण बाधित और आवागमन ठप है। इन क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही अभी भी प्रतिबंधित है क्योंकि मडिकेरी-विराजपेट सड़क पर मेखरी के आसपास भू-स्खलन की घटनाएं थमी नहीं है।

कोडुगू की जिलाधिकारी पी.श्रीविद्या ने बताया कि जिले के 41 केंद्रों में 6 हजार से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। मौसम पूर्वानुमानों में कहा गया है कि अगले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी घाट के कुछ-एक इलाकों में भारी बारिश होगी जबकि कोडुगू और दक्षिण कन्नड़ से जुड़े कुछ क्षेत्रों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय कार्यकर्ता भी काफी सहयोग कर रहे हैं।

श्रीकंठेश्वर मंदिर के पास भी पानी घटा
नंजनगुड़ के मशहूर श्रीकंठेश्वर मंदिर के आसपास भी जलस्तर गिरने लगा है जिससे श्रद्धालु राहत महसूस कर रहे हैं। कबिनी नदी का जलस्तर गिरने के बाद मंदिर के आसपास से गुजरने वाली सड़कों पर भी जल जमाव में काफी कमी आई है और नंजनगुड़ शहर में स्थिति सामान्य होने लगी है।

लोक निर्माण विभाग के एनएच डिवीजन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है पिछले 12 अगस्त को कबिनी पुल के निरीक्षण के दौरान तीसरे पाये के ज्वाइंटर को मामूली रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। उसकी मरम्मति करने के निर्देश दे दिए गए हैं। फिलहाल वाहनों की आवाजाही को लेकर कोई समस्या नहीं है। विभाग ने यह बयान सोशल मीडिया पर चल रहे अफवाहों के मद्देनजर जारी किया।

प्री-फैब्रिकेटेड मकान उपलब्ध कराएगी सरकार
उप मुख्यमंत्री डॉ.जी परमेश्वर ने कहा कि कोडुगू में बेघर हुए लोगों को सरकार पूर्व निर्मित ( प्री फैब्रीकेटेड) सामग्री से बना मकान उपलब्ध कराएगी। बारिश थमने के बाद यह काम शुरू हो जाएगा। सभी घर एक ही दिन में बनकर तैयार हो जाएंगे। यह सुरक्षित और टिकाऊ होंगे। मुख्यमंत्री पहले ही प्रभावित लोगों के मकानों के पुनर्निर्माण की घोषणा कर चुके हैं। उपमुख्यमंत्री ने बृृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) द्वारा तैयार चार ट्रक राहत सामग्री रवाना किया। उन्होंने बताया कि बीबीएमपी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 100 ई-टॉयलेट भेजा है।