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बेंगलूरु के चामराजपेट मैदान में आजादी के बाद पहली बार फहराया तिरंगा

राज्य सरकार के निर्देश पर बेंगलूरु शहरी जिले के सहायक आयुक्त शिवण्णा ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।

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Har Ghar Tricolor Campaign

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आजादी के 75 वर्ष बाद चामराजपेट के ईदगाह मैदान पर पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। राज्य सरकार के निर्देश पर बेंगलूरु शहरी जिले के सहायक आयुक्त शिवण्णा ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।

तिरंगा फहराने के पश्चात बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के पीयू कॉलेज के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किसान गीत प्रस्तुत किया। कॉलेज की छात्राओं ने कित्तूर राणी चेनम्मा की जीवनी पर आधारित नृत्य नाटिका पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरी।

मैदान के चारों तरफ 850 से अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात थे। पुलिस उपायुक्त लक्ष्मण नंबरगी ने सुरक्षा की कमान संभाली। मैदान के चारों ओर ऊंचे भवनों की छतों पर निगरानी के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। समारोह के निर्धारित समय के पश्चात मैदान के आस-पास के सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी।

समारोह से पहले मंच के आस-पास श्वान दल तथा बम निरोधक दल ने गहन जांच की। चामराजपेट क्षेत्र में सशस्त्र पुलिस बल की दो टुकड़ियां तैनात की गई थीं।

कार्यक्रम में सांसद पी सी मोहन, स्थानीय विधायक जमीर अहमद खान, पूर्व विधायक प्रमीला नेसर्गी उपस्थित थे। विधायक जमीर ने कहा कि मैदान में तिरंगा फहराने से वे खुश हंै। यहां पर आने वाले दिनों में गणतंत्र दिवस तथा कन्नड़ राज्योत्सव का भी आयोजन किया जा सकता है। उन्होंने इस मैदान पर अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देने से इनकार किया।

उल्लेखनीय है कि इस मैदान में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की घोषणा के पश्चात गत 10 दिन से पुलिस ने यहां पर सुरक्षा के प्रबंध किए थे। मैदान पर पुलिस परेड का भी आयोजन किया गया था। साथ में यहां शांति सुरक्षा के लिए विभिन्न समुदायों के नेताओं के साथ पुलिस ने सिलसिलेवार बैठकें की थी। फ्लैग मार्च भी आयोजित किया गया था।

देश के विकास के लिए मजबूत शिक्षा, स्वास्थ्य प्रणाली जरूरी
बेंगलूरु. बेंगलूरु विश्वविद्यालय (बीयू) ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस उत्साह और धूमधाम से मनाया। बीयू के कुलपति डॉ. जयशंकर एस. एम. ने ध्वजारोहण किया और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों को याद किया। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद और स्वतंत्रता पूर्व अवधि की उच्च शिक्षा प्रणाली के बारे में बताया और छात्रों व शिक्षकों को राष्ट्र के विकास के लिए उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश में 22 विश्वविद्यालय और 495 कॉलेज थे। अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सूची के अनुसार देश भर में 1,055 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 496 राज्य विवि, 54 केंद्रीय विवि और शेष डीम्ड विवि हैं। देश के विकास के लिए मजबूत शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली जरूरी है। इन दोनों क्षेत्रों को लगातार मजबूत करने के प्रयास किए जाने चाहिए। स्नातकों और नौकरियों के बीच की खाई को पाटना एक चुनौती है।