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बेंगलूरु के दूसरे हवाई अड्डे के लिए दो स्थल चुने, नेलमंगल और कनकपुर रोड दौड़ में बचे, तुमकूरु का पत्ता साफ

दूसरे हवाई अड्डे के लिए प्रस्ताव भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को संभवत: 17 फरवरी से पहले भेजा जाएगा और इसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम एक या दो प्रस्ताव भेज सकते हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इसकी जांच करेगा और हमें बताएगा कि कौन सी जगह उपयुक्त है, इसके लिए प्रक्रियाएं हैं।

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17 फरवरी से पहले एएआई को सूचित किया जाएगा: पाटिल

बेंगलूरु. बुनियादी ढांचा मंत्री एमबी पाटिल ने शनिवार को कहा कि बेंगलूरु के प्रस्तावित दूसरे हवाई अड्डे के लिए दो स्थलों को चुना गया है और 17 फरवरी से पहले भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह संकेत देते हुए कि एएआई को दो प्रस्ताव भेजे जा सकते हैं, मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थल का चयन योग्यता के आधार पर किया जाएगा और यह कोई राजनीतिक निर्णय नहीं होगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने बेंगलूरु के दूसरे हवाई अड्डे के लिए संभावित स्थलों के रूप में नेलमंगला और कनकपुर रोड को चुना है। पाटिल ने कहा, दूसरे हवाई अड्डे के बारे में कोई भ्रम नहीं है, हमने चार स्थलों में से दो को चुना है और मुख्यमंत्री को इसके बारे में एक दौर की जानकारी दी है। हम मुख्यमंत्री को एक और दौर की जानकारी देंगे और यदि संभव हुआ तो ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट से पहले या उसके एक या दो दिन बाद हम भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण को प्रस्ताव भेज देंगे।

उन्होंने कहा कि किसी तरह के भ्रम की जरूरत नहीं है क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हवाई अड्डे के लिए स्थल का चयन योग्यता के आधार पर किया जाएगा, जिसमें राज्य, उसके लोगों, बेंगलूरु शहर और यहां के व्यवसायों के हित को ध्यान में रखा जाएगा। यह कोई राजनीतिक निर्णय नहीं होगा।

पाटिल ने कहा कि दूसरे हवाई अड्डे के लिए प्रस्ताव भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को संभवत: 17 फरवरी से पहले भेजा जाएगा और इसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम एक या दो प्रस्ताव भेज सकते हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इसकी जांच करेगा और हमें बताएगा कि कौन सी जगह उपयुक्त है, इसके लिए प्रक्रियाएं हैं।

उन्होंने कहा, यदि एएआई दोनों साइटों को मंजूरी देता है, तो हमें (राज्य सरकार को) राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए उनमें से एक का चयन करना होगा। हम जमीन दे सकते हैं, लेकिन निवेशकों को भी इसके लिए आना होगा और वे व्यवहार्यता की जांच करेंगे। इन सभी पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीन राज्य सरकार को उपलब्ध करानी होगी और इसकी लागत 10,000 करोड़ रुपये हो सकती है।

देवनहल्ली में बेंगलूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए विशिष्टता खंड या वरीयता खंड 2033 तक समाप्त हो जाएगा, तथा हवाई अड्डे की क्षमता 2030 तक सौ मिलियन यात्रियों की हो जाएगी, इस पर ध्यान देते हुए मंत्री ने कहा, अच्छे इरादे से हमने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यदि हम अभी शुरू करते हैं, तो इसमें सात से आठ वर्ष लगेंगे।

चुने गए दो स्थलों का खुलासा करनेे से बचते हुए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, परमेश्वर (गृह मंत्री) तुमकूरु की ओर दूसरा हवाई अड्डा बनाने की मांग कर रहे होंगे। अन्य लोग अन्य स्थानों के लिए सुझाव दे सकते हैं। यह उनका अधिकार है लेकिन जब निर्णय तो योग्यता के आधार पर होगा।

हवाई अड्डे के निर्माण के लिए कई मापदंड

पाटिल ने आगे कहा कि किसी भी हवाई अड्डे के निर्माण के लिए कई मापदंड होते हैं तथा उन सभी को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार स्थल का चयन होने के बाद, जिस मानदंड के आधार पर निर्णय लिया गया था, उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट और पारदर्शी रूप से बताया जाएगा।