20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेल के पेंशनभाेगियों के लिए बनेंगे यूएमआईडडी कार्ड

सखी हॉल में शुरू हुआ शिविर, आज भी जारी रहेगा

2 min read
Google source verification
रेल के पेंशनभाेगियों के लिए बनेंगे यूएमआईडडी कार्ड

रेल के पेंशनभाेगियों के लिए बनेंगे यूएमआईडडी कार्ड

बेंगलूरु. दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलूरु मंडल में गुरुवार को रेलवे के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लाभ के लिए विभिन्न स्थानों पर विशिष्ट चिकित्सा पहचान पत्र (यूएमआईडी) पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। बेंगलूरु मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के "सखी हॉल" में शुरू हुआ शिविर शुक्रवार को भी जारी रहेगा। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्यामसिंह व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

यूएमआईडी शिविर 27 को व्हाइटफील्ड, 28 को तुमकुरु, 29 को यलहंका और होसूर, 4 जुलाई को बंगारपेट और मंड्या, 6 को धर्मपुरी और कुनिगल, 11 जुलाई को हिंदूपुर और कुप्पम में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता के कार्यालयों में आयोजित किए जाएंगे।रेलवे पेंशनभोगी और उनके परिवार जिन्हें यूएमआईडी के लिए पंजीकरण कराना है, वे शिविरों में जा सकते हैं। कार्मिक और कल्याण निरीक्षक पंजीकरण के लिए उनकी सहायता और मार्गदर्शन करेंगे।

यह दस्तावेज हैं जरूरीपंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज हैं, एसएमएस सुविधा वाला मोबाइल फोन, 7 वें वेतन आयोग का पेंशन भुगतान आदेश, पैन कार्ड, आवेदकों और उनके आश्रितों का पासपोर्ट आकार का फोटो, आवेदकों और उनके आश्रितों का आधार कार्ड, मेडिकल पहचान पत्र या रेलवे द्वारा जारी मेडिकल बुक। दिव्यांगजन के मामले में विभाग, पेंशन भुगतान आदेश और विकलांगता प्रमाण पत्र।

गौरतलब है कि बेंगलूरु मंडल में लगभग 15,000 पेंशनभोगी हैं। उनमें से कुछ ने पहले ही योजना के तहत पंजीकरण करा लिया है। हालांकि, शिविर उन पेंशनभोगियों की मदद के लिए आयोजित किए जा रहे हैं जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है और कंप्यूटर और इंटरनेट से भी अनभिज्ञ हैं। पंजीकरण यूआरएल wwwdigitalirin/umid/ का उपयोग करके कंप्यूटर और मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन भी किया जा सकता है।रेलवे ने रेल कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के लिए स्मार्ट मेडिकल पहचान पत्र बनाने के लिए एक वेब और मोबाइल आधारित एप्लिकेशन यूएमआईडी पेश किया है। कार्ड सभी सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से अद्वितीय अखिल भारतीय नंबरों के साथ जारी किए जा रहे हैं।