
वाणी विलास बांध : 115 साल पुराने जलाशय का नया रेकॉड...र्जल स्तर 135 फीट पार पहुंचा
चित्रदुर्ग. मध्य कर्नाटक का पानी का कटोरा कहे जाने वाला जिले के हिरियूर तालुक स्थित वाणी विलास जलाशय में 135 फीट पानी जमा होने के साथ इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना है।
वर्ष 1907 में बने इस बांध का 115 साल का इतिहास है। 1933 में 135.25 फीट पानी संग्रह होने के जरिए कीर्तिमान स्थापित किया था। अब 2022 में 135 फीट पानी संग्रह होने के साथ नया कीर्तिमान रचा है। जिले के लोग खुशी से झूम उठे हैं और इसने किसानों में नई उमंग जगी है। पहले ही जलाशय पर चादर चली है और बांध का प्रवाह 14891 क्यूसेक बढ़ गया है।
इससे जलाशय का वर्तमान जल स्तर 135 फीट है। बांध से 14736 क्यूसेक पानी बह रहा है। जलाशय का क्रस्ट गेट खोलकर 500-600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। चादर चलने से पानी के बहिर्वाह से वेदावती नदी और हिरियूर शहर के बाएं और दाएं नाहरें उफान पर हैं।
जल आवक का विवरण
वीवी सागर जलाशय में 4 सितंबर को 2612 क्यूसेक आवक, बहिर्वाह 2457, जलाशय का जल स्तर 131.45 फीट, 5 सितंबर को 4437, 4282 बहिर्वाह, बांध जल स्तर 132.10 फीट, 6 सितंबर को 7467 क्यूसेक अंतर्वाह, जलाशय जल स्तर 133 फीट, 7312 क्यूसेक बहिर्वाह, 7 सितंबर 11112 क्यूसेक अंतर्वाह, जल स्तर 134 फीट, 10957 क्यूसेक बहिर्वाह, 8 सितंबर अंतर्वाह वृद्धि 14891 क्यूसेक, जल स्तर 135 फीट, 14736 क्यूसेक बहिर्वाह पानी को नहरों और वेदावती नदी के जरिए छोड़ा गया। वर्ष 1933 में 135.25 फीट पानी जमा हुआ और 1934 में 130.24 फीट पानी बहकर आया था। वर्ष 1957 में 125.05 फीट, 1958 में 124.50 फीट, 2021 में 125.50 फीट और 2022 में 135.00 फीट पानी संग्रह होने के जरिए नया रिकॉर्ड बनाया है।
2019 में डेड स्टोरेज तक पहुंच था
तीन-चार साल पहले सूख गया बांध वर्ष 2019 में 66 फीट डेड स्टोरेज तक पहुंच गया था। साल बीतने के साथ-साथ बांध में पानी का स्तर अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गया है। इसने हिरियूर तालुक में कृषि और बागवानी सहित पेयजल परियोजनाओं को एक नया प्रोत्साहन मिला है।
वेदवती नदी पर बांध
राज्य के अधिकांश जलाशय आमतौर पर मानसून के मौसम में भर जाते हैं परन्तप जब वीवी सागर जलाशय का जल प्रवाह देखा जाए तो खास बात यह है कि रबी के मौसम के दौरान बांध में पानी जमा हो रहा है। चिक्कमगलूरु जिले के बाबा बुडन गिरी की खाइयों से निकलने वाली "वेद" नदी कडूर के पास "अवती" नदी में मिलकर "वेदावती" नदी के तौर पर बहती है। चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक के वाणीविलासपुर के पास दो पहाडिय़ों के बीच बना जलाशय ही मारीकणिवे बांध है। वहीं वाणीविलास सागर को एक वास्तुशिल्पकार के मास्टर पीस के तौर पर पहचाना जाता है। यह बांध 1898 में मैसूरु के महाराजा नालवड़ी कृष्णराज वोडेयार की मां केम्पराजम्मणी के आदेश पर मैसूरु के तत्कालीन दीवान शेषाद्रि अय्यर के नेतृत्व में तारा चंद दलाल नाम के इंजीनियर के नेतृत्व के दल ने बनाया था और 1907 में कार्य पूरा किया। यह भी कहा जाता है कि वीवी सागर का ब्ल्यूप्रिंट केआरएस बांध के निर्माण का मूल स्रोत है।
Published on:
10 Sept 2022 12:19 am
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
