
वसंत के मौसम में जेठ सी गर्मी का सितम
गर्मी के साथ उमस ने बढ़ाई परेशानी
अभी राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं
बेंगलूरु. वसंत के मौसम में आग सी तपती धूप के कारण बेंगलूरुवासियों को इन दिनों भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। न सिर्फ दिन और दोपहर के समय बल्कि रात में भी गर्मी का सितम बरकरार है और अधिकतम तथा न्यूनतम दोनों तापमान औसत से ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।
मौसम विभाग की माने तो अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। बुधवार को पारा ३६ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है जबकि न्यूनतम तापमान भी २१ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
विभाग के अनुसार मौसम में दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक के जिलों में आसमान पर बादल छा रहे हैं लेकिन फिलहाल बारिश जैसी संभावना नहीं है। कुछ जगहों पर नाम मात्र की बूंदाबांदी हुई है लेकिन इससे गर्मी से निजात नहीं मिल सकती है। वर्ष भर सुहाने मौसम के प्रसिद्ध बेंगलूरु के तापमान में बढ़ोतरी की वजह पर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले एक दशक के दौरान औसत हर वर्ष शहर का अधिकतम तापमान ३५ डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा तक पहुंचा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष १९९६ में मार्च में सर्वाधिक ३७.३ डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था जबकि दो वर्ष पूर्व २०१७ में पारा ३७.२ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के अनुसार अगले एक सप्ताह तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा जिस कारण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
न्यूनतम तापमान भी औसत से ज्यादा
न सिर्फ अधिकतम तापमान बल्कि न्यूनतम तापमान भी औसतम से ३ से ४ डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान में हुए इस बदलाव का ही असर है कि सुबह और रात के समय भी गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ रहा है।
Published on:
06 Mar 2019 04:48 pm
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