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हालात कैसे भी हों, गठबंधन सरकार पूरा करेगी कार्यकाल

परमेश्वर बोले : संशय का सवाल ही नहीं

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g parmeshwar

हालात कैसे भी हों, गठबंधन सरकार पूरा करेगी कार्यकाल

बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने गुरुवार को कहा कि एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस व जद-एस गठबंधन सरकार किसी भी हालात में पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी, चाहे इसके कोई भी समझौता करना पड़े।

परमेश्वर ने कहा नई सरकार बनने के बाद कुछ लोगों को संशय है कि गठबंधन कैसे चलेगा, सरकार कैसे काम करेगी लेकिन किसी को इस बात पर संदेह नहीं होना चाहिए कि सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। परमेश्वर ने कहा कि मैं साफ तौर आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह सरकार किसी भी स्थिति और समझौते के साथ चलेगी और पूरे पांच साल कुमारस्वामी मुख्यमंत्री रहेंगे।

विधानसौधा सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुमारस्वामी के बगल में बैठे परमेश्वर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार राजनीतिक दल है। जद (एस) के साथ गठबंधन सरकार चलाने के फैसला काफी विचार-विमर्श के बाद किया गया फैसला है। लिहाजा इस सरकार को चलाना कांग्रेस का दायित्व है। यह सरकार केवल सत्ता के लिए नहीं बनी है। राज्य के विकास की गति को यथावत बनाएं रखने के लिए कांग्रेस ने यह सरकार बनाने का फैसला किया है।

कहीं साथ जाने में कुछ गलत नहीं: परमेश्वर
उप मुख्यमंत्री डॉ.जी.परमेश्वर ने कहा कि रमेश जारकीहोली ने 14 विधायकों को साथ लेकर अजमेर गए है तो इसमेंं गलत क्या है? हर कोई अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी जा सकता है। इसी तरह रमेश जारकीहोली और अन्य विधायक अजमेर गए हैं। इस विषय को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

शेट्टर के सवाल से तिलमिलाए दत्ता
बेंगलूरु. पूव मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने उत्तर कर्नाटक के विकास में एचडी देवेगौड़ा के योगदान पर सवाल उठाए तो जनतादल-एस के नेता तिलमिला गए हैं। पार्टी के पूर्व विधायक वाईएसवी दत्ता ने देवेगौड़ा के योगदान पर 50 पृष्ठ का पत्र जारी कर दिया है। दत्ता ने गुरुवार को यहां पत्र जारी किया। इस पत्र में राज्य के सिंचार्ई मंत्री, मुख्यमंत्री तथा देश के प्रधानमंत्री के तौर पर उत्तर कर्नाटक के विकास के लिए देवेगौड़ा के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया गया है। दत्ता ने कहा कि उन्होंने यह पत्र व्यक्तिगत स्तर पर जारी किया है। उन्होंने कहा कि वे हुब्बली में खुली बहस के लिए तैयार हैं और जगदीश शेट्टर को इस बहस में भाग लेने की चुनौती देते हैं।