
महिला का दुखड़ा, तांत्रिक का खेल और गए २७ करोड़
बेंगलूरु. पारिवारिक समस्याओं और संपत्ति विवाद का समाधान तलाशने के लिए एक तांत्रिक की शरण में जाने वाली महिला ने अंधविश्वास में फंसकर २७ करोड़ रुपए गंवा दिए।
महिला की डायरी देखने के बाद उसके बेटों को इसका पता चला और राममूर्ति नगर थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने तांत्रिक नागराज, उसकी पत्नी लक्ष्मम्मा सहित पेरुमल, देवराज, होसूर मंजुनाथ और साईकृष्णा के खिलाफ अंधविश्वास निषेध अधिनियम और धोखेबाजी का मामला दर्ज किया है।
राममूर्ति नगर के एनआरआइ लेआउट निवासी ४८ वर्षीय पीडि़त महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पहले अपने पति और तीन पुत्रों के साथ बीटीएम लेआउट में रहती थी। उसके पति ने एक और विवाह किया था और सौतन को एक बेटा है। पति की २००९ में मौत हो जाने के बाद सौतन का बेटा संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर महिला से झगड़ा करता था। संपत्ति विवाद का मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है।
महिला का एक फार्म हाउस बंगारपेट के बेतमंगल में हंै। पीडि़ता ने फार्म हाउस की नौकरानी मुनियम्मा से अपना दुखड़ा सुनाया। मुनियम्मा ने बताया कि वह नागराज नामक तांत्रिक को जानती है जो उसकी समस्याओं का समाधान कर सकता है। नागराज ने बताया कि वह सोल्लापुरदम्मा मंदिर का पुजारी है। नागराज हर शुक्रवार को महिला के घर पर आकर पूजा करने लगा।
उसने महिला को बताया कि संपत्ति विवाद में उसके तीनों बेटों की मौत हो सकती है। उसने तीनों के नाम से एक एक किलो सोने की ईंट बनाई। साथ ही महिला की बेगूर और तावरेकेरे स्थित कीमती भूखंडों को नागराज ने भूखंडों में पत्नी लक्ष्मम्मा, रिश्तेदार पेरुमल, देवराज, मित्र होसूर मंजुनाथ और साईकृष्णा के नाम १०-१० भूखंडों का पंजीयन कराया। साथ ही पूजा के लिए नकद पांच करोड़ रुपए भी लिए। महिला ने अपने बेटों को इसकी जानकारी नहीं दी थी। लेकिन, एक दिन महिला की निजी डायरी जब बेटों के हाथ लगी तब उन्हें २७ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का पता चला। शिकायत के बाद से सभी आरोपी फरार हैं।
Published on:
26 Feb 2020 07:25 pm
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