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भगवान धन्वंतरि एवं महालक्ष्मी की आराधना

महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल में मनाया दीपोत्सव
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बैंगलोर

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Rajendra Shekhar Vyas

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Updated: 7 Nov 2018, 5:49 PM IST

puja

भगवान धन्वंतरि एवं महालक्ष्मी की आराधना

बेंगलूरु. पद्मनाभनगर स्थित महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के सभागार तथा महालक्ष्मी अग्रसेन मंदिर में धनतेरस दिवस पर भगवान धन्वंतरि एवं महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई। साथ ही, दीपोत्सव मनाया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष सतीश जैन ने आयुर्वेद के देवता धनवंतरि की पूजा कर अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के स्वास्थ्य की कामना की। महामंत्री राजकुमार कंदोई, सह मंत्री शिवरतन अग्रवाल, शिवचंद परसरामपुरिया, ओमप्रकाश पोद्दार, डॉ. साहना, डॉ. अमित, डॉ. शिवकुमार आदि ने आरती एवं पूजन किया।
भौतिक पदों की प्राप्ति दुर्लभ नहीं
मैसूरु. महावीर जिनालय सिद्धलिंगपुरा में धर्मसभा में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने कहा कि अनादि काल से चारों गतियों में परिभ्रमण करती हुई हमारी आत्मा के लिए इन्द्र, चक्रवर्ती, राजा, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति आदि भौतिक पदों की प्राप्ति दुर्लभ नहीं है। उत्तराध्ययन सूत्र के तीसरे चतुरंगीय अध्ययन में भगवान महावीर स्वामी ने चार वस्तुओं की प्राप्ति दुर्लभ बताई है। चार गतियों में मनुष्य जन्म की प्राप्ति दुर्लभ बताई है। देवता भी मनुष्य बनने के लिए प्रतिपल इंतजार करते हैं। भवनपति, व्यंतर, ज्योतिष एवं प्रथम, द्वितीय वैमानिक देवलोक के अधिकांश देवता, अपना देवायु पूर्ण करके एकेन्द्रिय गति के पृथ्वीकाय, अप्काय और वनस्पति काय में चले जाते हैं। मनुष्य के रूप में जन्म मिलने के बाद भी वीतरागकथित धर्म का श्रवण दुर्लभ है। चारों ओर मोह के साम्राज्य में फंसी जीवात्मा के मोह के विष को उतारने में समर्थ परमात्मा की धर्म वाणी का श्रवण मिलना कठिन है।

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