
गुरु दर्शन के लिए यशवंतपुर सभा दल रवाना
बेंगलूरु. तेरापंथ सभा यशवंतपुर के तत्वावधान में आचार्य महाश्रमण के दर्शन के लिए 412 महिला-पुरुषों का संघ शनिवार को चेन्नई के लिए ट्रेन से रवाना हुआ। मुनि रणजीत कुमार व मुनि रमेश कुमार की प्रेरणा से निकले यात्रा संघ चेन्नई में विराजित आचार्य महाश्रमण से बेंगलूरु प्रवास से पहले यशवंतपुर में ज्यादा से ज्यादा दिन विराजने की विनती करेगा।
यात्रासंघ में सभा अध्यक्ष प्रकाशचंद बाबेल, मंत्री गौतमचंद मुथा व समस्त पदाधिकारी, महिला मंडल अध्यक्ष अरुणा महनोत, मंत्री मीनाक्षी दक, चातुर्मास व्यवस्था संयोजक कमलेश दक, विनोद बरडिय़ा, तेयुप बेंगलूरु अध्यक्ष सुनील बाबेल, संगठन मंत्री विनोद मुथा, सभा संगठन मंत्री महावीर ओस्तवाल, दीपक बाबेल, विशाल पितलिया, राकेश गादिया, गौतम सुराणा, विनोद गन्ना, कुशल भंसाली, नीरज दक, हितेश सेठिया, दीपक सेठिया, कमलेश बरडिय़ा व युवा सदस्य सेवाएं दे रहे हैं।
गंगा की भांति था कमलावती का जीवन
बेंगलूरु. राजाजीनगर स्थानक में साध्वी संयमलता, अमितप्रज्ञा, कमलप्रज्ञा, सौरभप्रज्ञा के सान्निध्य में संत मालवसिंह कमलावती की ९३वीं जयंती एकासन दिवस के रूप में मनाई गई। साध्वी संयमलता ने कहा कि कमलावती का संपूर्ण जीवन कमल स्वरूप था, जिसकी विद्यमानता गुलशन को महका देती थी। उनका जीवन पवित्र गंगा की भांति था। साध्वी कमलप्रज्ञा ने कहा कि ममता के त्यागी, समता के आराधक साधु साध्वी २७ गुणों के धारक होते हैं। जयंती के निमित्त राजाजीनगर संघ, युवा मंडल, कन्या मंडल ने दानपुण्य किया। संघ मंत्री ज्ञानचंद लोढा ने बताया कि रविवार को प्रवचन सुबह ९ बजे से होंगे।
उदयपुर के वैरागी प्रिंस का बहुमान
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ हनुमंतनगर के तत्वावधान में साध्वी सुमित्रा के सान्निध्य में साध्वी सुप्रिया ने श्रद्धालुओं को तीर्थंकर प्रभु महावीर के प्रवचन देशना स्थल रुप ‘सम वशरण’ की ध्यान साधना के माध्यम से सुंदर भावयात्रा करवाई।
साध्वी सुदीप्ति ने वीर स्तुति की स्वाध्याय वाचना की। इस अवसर पर उदयपुर (राजस्थान) से आए वैरागी प्रिंस जैन का हनुमंतनगर संघ की ओर से कुशलराज छाजेड़ ने बहुमान किया। प्रात: प्रवचन के दौरान साध्वी सीता की गुणानुवाद सभा रखी गई। साध्वी का गत दिनों संथारे के साथ देवलोकगमन हो गया था। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष हुक्मीचंद कांकरिया, मंत्री महावीरचंद धारीवाल, सुनील सांखला आदि गणमान्य उपस्थित थे। संचालन संघ उपाध्यक्ष अशोककुमार गादिया ने किया। साध्वी सुमित्रा ने मंगलपाठ प्रदान किया। सोमवार से सुबह ८.४५ बजे से प्रभु महावीर की अंतिम वाणी ‘उत्तराध्ययन सूत्र’ की वाचना प्रारंभ होगी।
Published on:
21 Oct 2018 01:59 am
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