
योग दिवस: फिर नया इतिहास बनाएगा मैसूरु!
मैसूरु. कर्नाटक के मैसूरु में पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को एक साथ 55 हजार से ज्यादा लोगों ने योग कर गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के बाद इस वर्ष भी योग दिवस पर मैसूरु एक और भव्य समारोह की तैयारियों में जुट गया है लेकिन जिला प्रशासन की इस बार गिनीज रिकॉर्ड के लिए पुन: प्रयास करता नहीं दिख रहा है।
स्वस्थ शरीर के लिए योग की प्राचीन कला से हर आयु वर्ग को जोडऩे के मकसद से 21 जून को मैसूरु रेस क्लब (एमआरसी) में भव्य समारोह आयोजित करने की तैयारी है। पिछले वर्ष सामूहिक रूप से 55,506 लोगों ने योग कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
इस बार जिला प्रशासन ने पर्यटन, आयुष विभाग सहित कुछ अन्य विभागों और संगठनों के साथ मिलकर योग दिवस मनाने की योजना बनाई लेकिन अब तक गिनीज बुक को कोई आवेदन नहीं दिया है। गिनीज रिकॉर्ड की दिशा में प्रयास न करने के पीछे मुख्य कारण फंड कम होना बताया जा रहा है। धन की कमी का कारण पर्यटन और आयुष विभागों ने वित्तीय सहायता का वादा नहीं किया है जिस कारण जिला प्रशासन की ओर से कोई आवेदन नहीं दिया गया है।
पिछले वर्ष योग दिवस पर मैसूरु का नाम गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड में शामिल कराने के लिए व्यापक तैयारी की गई थी। गिनीज रिकॉर्ड हासिल करने के विभिन्न मानदंड पूरे करने और कार्यक्रम के निरीक्षण तथा दस्तावेजीकरण सहित अन्य मदों में करीब 60 लाख रुपए का खर्च हुए थे। इस राशि को विभिन्न स्रोतों से हासिल किया गया था जिसमें कई सरकारी विभागों का सहयोग भी शामिल था।
हालांकि इस बार हालिया संपन्न विधानसभा चुनावों के कारण जिला प्रशासन कुछ दिनों पूर्व तक चुनावी प्रक्रिया में ही उलझा था। माना जा रहा है कि पूरे प्रशासनिक महकमे के चुनाव कार्यों में व्यस्त रहने के कारण ही योग दिवस आयोजन की उचित रूपरेखा नहीं बनाई जा सकी। इस बीच योग दिवस में एक पखवाड़े से भी कम समय रह जाने के कारण आयोजकों ने रविवार से रिहर्सल की प्रक्रिया शुरू की। रिहर्सल अब आयोजन दिवस तक नियमित रूप से होगा।
चार मुख्य केन्द्रों शामिल है शहर
योग दिवस पर इस वर्ष देश के चार मुख्य आयोजन स्थलों में मैसूरु भी शामिल है। मैसूरु के अतिरिक्त जयपुर, हैदराबाद और अहमदाबाद को केन्द्र सरकार ने चयनित किया है। पिछले वर्ष मुख्य आयोजन स्थल लखनऊ था जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे। इस बार भी चारों मुख्य आयोजन स्थलों पर कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं। हालांकि ऐसे कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार फंड देती है, इसलिए मैसूरु को फंड की चिंता नहीं होनी चाहिए।
मैसूरु को योग राजधानी का दर्जा
सामूहिक योग में गिनीज रिकॉर्ड बना चुके मैसूरु में अगर इस बार भी भव्य आयोजन होता है तो भले ही यह गिनीज रिकॉर्ड न बने लेकिन योग पर्यटन के मानचित्र पर मैसूरु की अद्वितीय पहचान बनेगी। मैसूरु हमेशा से योगाभ्यास का प्रमुख केन्द्र रहा है। पिछले कई दशक से यहां पूरी दुनिया से लोग योग सीखने आते रहे हैं। ऐसे में योग के क्षेत्र में गिनीज रिकॉर्ड बनाकर मैसूरु ने योग राजधानी बनने की ओर एक कदम बढाया है।
पर्यटन विभाग के उप निदेशक एचपी जर्नादन ने कहा कि गिनीज रिकॉर्ड से मैसूरु की पहचान योग राजधानी के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि अब हमारी योजना योग को उद्योग के रूप में परिणीत करने की है, जिससे नए रोजगार का सृजन हो। बाद में योग प्रशिक्षक पेशेवर रूप से पूरी दुनिया में योग का प्रचार कर सकेंगे।
Published on:
11 Jun 2018 07:35 pm
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