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युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव : राज्यपाल गहलोत

एनएसएस को गांवों और शहरों दोनों में पिछड़े क्षेत्रों को अपनाकर व्यापक विकास पर ध्यान केंद्रित करने और स्कूल छोडऩे की दर को कम करने की दिशा में काम करने की सलाह दी।
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बैंगलोर

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Nikhil Kumar

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Updated: 18 Mar 2025, 7:47 PM IST

-एनएसएस में शामिल हो समाज के विकास में दें योगदान

बेंगलूरु.

राज्यपाल थावरचंद गहलोत Thawar Chand Gehlot ने सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को जन आंदोलन बनाने के महत्व पर जोर दिया और छात्रों से सकारात्मक सोच विकसित करने, सामाजिक कल्याण के लिए काम करने और सामाजिक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया।

वे राजभवन में एनएसएस के राज्य प्रकोष्ठ और युवा सशक्तिकरण एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित समारोह में वर्ष 2022-23 के लिए एनएसएस राज्य पुरस्कार प्रदान करने के बाद संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने छात्रों को अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ एनएसएस NSS में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। एनएसएस को गांवों और शहरों दोनों में पिछड़े क्षेत्रों को अपनाकर व्यापक विकास पर ध्यान केंद्रित करने और स्कूल छोडऩे की दर को कम करने की दिशा में काम करने की सलाह दी।

स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए राज्यपाल गहलोत ने कहा, युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव है। विवेकानंद के आत्मनिर्भरता, साहस और आत्मविश्वास के दृष्टिकोण से प्रेरित एनएसएस स्वयंसेवक समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया Make in India, Digital India और स्वच्छ भारत आदि राष्ट्रीय पहलों में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही है।

राज्यपाल गहलोत ने कर्नाटक Karnataka में पांच लाख से अधिक एनएसएस स्वयंसेवकों की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना की और पुरस्कार विजेताओं को उनके समर्पण और सेवा के लिए बधाई दी। एनएसएस की विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 1969 में 40,000 स्वयंसेवकों के साथ अपनी स्थापना के बाद से यह विश्व स्तर पर सबसे बड़े युवा स्वयंसेवी संगठनों में से एक बन गया है।

समारोह के दौरान राज्यपाल गहलोत ने कुल 48 पुरस्कार प्रदान किए, जिनमें दो सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों एवं निदेशालयों, दो सर्वश्रेष्ठ एनएसएस कार्यक्रम समन्वयकों, 12 सर्वश्रेष्ठ एनएसएस इकाइयों, 12 एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों और 20 सर्वश्रेष्ठ एनएसएस स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया।