बांसवाड़ा. युवा पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति सजग बनाने और पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताने के उद्देश्य से शनिवार को बालिका सीनियर सेकेंडरी विद्यालय चंद्रपाल गेट में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में छात्राओं ने प्लास्टिक उपयोग के दुष्परिणामों को जाना और कपड़े की थैलियों का उपयोग करने की ठानी। बताते चलें कि शनिवार को महावीर इंटरनेशनल माही वीरा केंद्र की ओर से कपड़े की थैली मेरी सहेली कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचर्या डा. चंद्रिका शर्मा की। मुख्य वक्ता अनुराग सिंघवी रहे। उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान व प्लास्टिक के खाने गौ माता की मृत्यु तक हो जाने की बात कही। और बताया कि ये हमारे पर्यावरण को भी प्रदूषित भी करती हैं। इस मौके पर केंद्र अध्यक्ष भुवनेश्वरी मालोत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रेरित किया। और बताया कि वीराओं द्वारा बनाई गई कपड़ों की थैलियां आज 150 बेटियों को भेंट की गई। इससे पर्यावरण को निश्चित रूप से फायदा होगा।वहीं, मुख्य वक्ता सिंघवी प्लास्टिक की थैली के दुष्परिणामों के बारे में बताया। कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर संध्या रस्तोगी, उर्वशी व्यास, दीपिका जैन, सुधा तलवाडिया, संध्या लोकवानि, ऋषि कन्या व्यास, ऊषा मखीजा, अलका जैन, पूनम सोतानी, विद्यालय से रवींद्रपाल सिंह, भूपेंद्र जैन का सहयोग रहा। संचालन जनक भट्ट ने किया व आभार अलका जैन ने व्यक्त किया। जानकारी केंद्र की सचिव गीता चौधरी ने दी।
कपड़े की थैली मेरी सहेली
बताते चलें कि महावीर इंटरनेशनल माही वीरा केंद्र ने प्लास्टिक की थैली को लेकर अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान की शुरूआत बीती पांच जून से हुई थी। इसके बाद केंद्र की ओर से विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर प्लास्टिक उपयोग के प्रति जागरूकता कार्यक्रम किए गए। ताकि अधिक से अधिक लोग प्लास्टिक के उपयोग से दूर रहे और कपड़ों की थैलियों का उपयोग करें। इसमें केंद्रं की ओर से कपड़े की थैलियों का वितरण भी किया जा रहा है।