कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सोमवार को जिले भर के मंदिरों में विविध धार्मिक अनुष्ठान किए गए। बांसवाड़ा शहर के प्रसिद्ध सिद्धी विनायक मंदिर परिसर में दीप प्रज्जवलित किए गए। इसके साथ ही इस मौके पर भगवान को 56 भोग भी धराए गए और रंगोली सजाई गई।
नई आबादी स्थित श्री सिद्धिविनायक गणपति सेवा संस्थान एवं सर्व सनातन समाज की ओर पांच दिवसीय विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें देव दिवाली के उपलक्ष्य में रंगोली प्रतियोगिता और 56 भोग धराया गया। संस्थान के मीठालाल माली ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता सीनियर और जूनियर वर्ग में की गई। मुख्य अतिथि डा. रक्षा सराफ रहीं। जूनियर वर्ग में निकिता परमार प्रथम, ख्याति और समूह द्वितीय और माधवी तृतीय स्थान पर रहीं। सीनियर वर्ग में प्रथम पायल सेठिया, द्वितीय प्रिया जैन और रोशनी तृतीय रहीं। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में हिनल भावसार प्रथम, द्वितीय मितांशु मिश्रा, तृतीय प्रेक्षा भावसार रहीं। संचालन प्रेरणा उपाध्याय ने किया। प्रतियोगिता में निर्णायक विनीता पटेल, मीनाक्षी राव और प्रेरणा उपाध्याय रहीं।
दूसरी ओर, बांसवाड़ा के शहर के प्रमुख श्रीरघुनाथ मंदिर में मेरियू की रस्म निभाई गई। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शाम को मंदिर में यह रस्म निभाई गई। मंदिर पुजारी ने बताया कि वागड़ में परपंरा है कि नवविवाहित जोड़े का मेरियू किया जाता है। इस रस्म के तहत ही श्रीरघुनाथ मंदिर में मेरियू किया गया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में विविध अनुष्ठान किए गए और भगवान का भोग लगाया गया।
यह है मेरियू
वागड़ के नाम से जाने जाने वाले बांसवाड़ा- डूंगरपुर जिले में मेरियू की रस्म काफी प्रचलित है। जानकार बताते हैं कि दीपावली के आसपास नवविवाहित जोड़े के साथ मेरियू की रस्म निभाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इससे नवविवाहित जोड़ा सुखी- समृद्ध और खुशहाल रहता है। नाकारात्मकता से भी दूर रहता है। नवदंपती की खुशहाली के लिए यह रस्म बरसों ने की जाती है।
यह भी हुए आयोजन
पंच धाम हनुमान मंदिर व श्री चारणेश्वर महादेव मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराई गई। समिति प्रवक्ता राजेश भावसार ने बताया कि खांदू कॉलोनी में स्थित पंच धाम हनुमान मंदिर शिखर पर पुजारी रमेश सेवक, राजेश भावसार व बलवंत कलाल ने धर्म ध्वजा फहराई। उसके बाद ढोल धमाकों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। जो श्री चारणेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर हीरालाल पंचाल, मोतीलाल पवार, नटवरलाल पवार, पन्नालाल सुथार, सुखलाल कलाल, कांति कलाल, भरत जोशी, राम सिंह राठौड़ सहित कई लोग मौजूद।