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आठवीं बोर्ड : आई दोहरी परीक्षा की घड़ी, भरी दुपहरी में 20 किमी दूर परीक्षा देने की मजबूरी

- दोहरा इम्तिहान: गर्मी में दौड़ लगाएंगे नौनिहाल - आठवीं बोर्ड का मामला, मैपिंग में ट्रेस लोकेशन के आधार पर बना दिया केंद्र - दोपहर में परीक्षा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी भी ज्यादा    

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आठवीं बोर्ड : आई दोहरी परीक्षा की घड़ी, भरी दुपहरी में 20 किमी दूर परीक्षा देने की मजबूरी

आठवीं बोर्ड : आई दोहरी परीक्षा की घड़ी, भरी दुपहरी में 20 किमी दूर परीक्षा देने की मजबूरी

केस एक: राजकीय माध्यमिक विद्यालय ज्ञान छायणा प्रथम के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ओबला किया गया है। जबकि यह केंद्र ज्ञान छायणा से करीब बीस किलोमीटर दूर है। प्रधानाध्यापक ने नजदीकी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चांदरवाड़ा को केंद्र बनाने की मांग की है।

केस दो- राजकीय एकलव्य मॉडल स्कूल आंबापुरा के विद्याथीZ भी परेशानी में है। इसका कारण यह स्कूल वर्तमान में आंबापुरा की बजाय जिला मुख्यालय पर संचालित होना है। कम्प्यूटर से मैपिंग के आधार पर केंद्र आंबापुरा करने से जिला मुख्यालय से विद्यार्थियों की करीब 25 किलोमीटर की दौड़ लगेगी।

वरुण् भट्ट . बांसवाड़ा. यह जिले में 16 अप्रेल से शुरू हो रही आठवीं बोर्ड के परीक्षा केंद्रों की बानगी है। मैपिंग के आधार पर लोकेशन ट्रेस करके केंद्रों का निधाZरण करने से िस्थतियां इतनी विकट बन गई है कि परीक्षा केंद्र बीस किलोमीटर से अधिक दूरी पर तय हो गया है। इसके अलावा भी सीमित केंद्रों के चलते कई विद्यालयों के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए कुछ किलोमीटर दौड़ लगानी पड़ेगी। ऐसे में आग के समान तप रहे प्रदेश में दोपहर में 42 डिग्री पार रहने वाले तापमान में नौनिहालों को परीक्षा के लिए परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा। केंद्रों का निधाZरण होने के बाद अब संस्था प्रधान विद्यार्थियों के हित में इसे परिवर्तित करने की मांग भी उठाने लगे है।


यह थे प्रावधान
विभागीय प्रावधानों के अनुसार पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड के परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण अधिकतम चार किलोमीटर तक करना था। पंचायत के सबसे बड़े विद्यालय को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने के निर्देश थे। आवश्यकताअनुसार सीबीईओ नए परीक्षा केन्द्र भी प्रस्तावित कर सकते थे। लेकिन, पीईईओ, सीबीईओ एवं डीईओ स्तर पर प्रावधानों के आधार पर परीक्षा केन्द्रों को परखा नहीं गया है। हांलाकि केंद्रों की दूरी के मामले में सामने आने के बाद प्रकरण उच्च स्तर पर ध्यान में लाया गया है, जिसके बाद विभाग स्तर पर भी कवायद की जा रही है।


दोपहर के समय ने भी बढ़ाई परेशानी

केंद्रों के निधाZरण के अलावा वातानुकूलित कक्षों में बैठकर आला अफसरों ने नौनिहालों की परीक्षा लेने का समय भरी दुपहरी में तय करने के साथ ही केंद्रों के निर्धारण के मामले में भी लापरवाही बरती है। इसकी बानगी बांसवाड़ा जिले में सामने आई है। जहां कम्प्यूटर मैपिंग के आधार पर परीक्षा केंद्रों के निधाZरण से िस्थतियां इतनी हास्याप्रद हो गई है कि परीक्षा केंद्र 20 किलोमीटर से अधिक दूरी पर आवंटित हो गया है। जिले की बात करें, तो जिले में ढाई हजार से अधिक उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यालय के हैं। इनमें से अधिकांश विद्यालयों में हैण्डपंप खराब हैं, तो कई विद्यालयों में हैण्डपंपों में जल स्तर काफी नीचे उतर गया है। ऐसे में विद्यालय प्रशासन के सामने तपती गर्मी में विद्यार्थियों के लिए पेयजल की भी व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है।


शिक्षक संगठनों ने लगाया खूब जोर
आठवीं की परीक्षाएं 16 से 25 अप्रेल तक होगी। जो दोपहर में दो बजे से शुरू होगी। इसी प्रकार से पांचवीं की 19 से 27 अप्रेल तक प्रस्तावित है। फिलहाल बांसवाड़ा सहित प्रदेश के अधिकांश जिले 40 पार तापमान हैं। जिले की बात करें, तो यहां के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी तंगमाली हालात के हैं। कई विद्यार्थियों के पास पहनने के जूते भी नहीं हैं। ऐसे में यह समय उचित नहीं है। लेकिन, प्रशासन और जनप्रतिनिधि आम ज्ञापनों की तरह इस ज्वंलत एवं जायज मांग को भी रद्दी की टोकरी में ही डाल इतिश्री कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पेयजल, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिससे परेशानी तय मानी जा रही है।

फेक्ट फाइल

37 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं आठवीं बोर्ड में

265 परीक्षा केन्द्र किए हैं अधिकृत

दोपहर दो बजे से शुरू होगी परीक्षाएं


इनका कहना है
परीक्षा का समय सहीं नही है। बोर्ड परीक्षा के केंद्र भी कई जगह दूरी पर है। गर्मी में विद्यार्थियों को परेशानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी अभाव है। इस पूरे मामले पर फिर से विचार विद्यार्थियों के हित में करना चाहिए।
गोपेश उपाध्याय, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ राष्ट्रीय

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